शिमला. सिटी डवलपमेंट प्लान को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग दोहरे मापदंड अपना रहा है। हिमुडा में 90 स्कवेयर मीटर पर नक्शा पास किया जाता है जबकि नगर निगम की परिधि में २क्क् स्कवेयर मीटर पर पास करने प्रावधान रखा गया है। पहले शहर में १५क् स्कवेयर मीटर पर नक्शा पास किया जाता था। टीसीपी के दोहरी नीति जनता पर भारी पड़ रही है। सिटी डवलपमेंट प्लान को लेकर टीसीपी ने बुधवार को बैठक बुलाई थी जिसकी अध्यक्षता निदेशक पूर्णिमा चौहान ने की। इसमें शहर के 23 लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों का कहना था कि उनके लिए नियम और कठिन हो रहे हैं और हिमुडा के तहत प्लाट मालिकों के नक्शे आसानी से पास हो रहे हैं।
पार्षद ने उठाया मुद्दा
नगर निगम भराड़ी के पार्षद जितेंद्र चौधरी और पूर्व महापौर मनोज कुमार ने शहर में भविष्य में आने वाली समस्या को लेकर बैठक में बात की। जितेंद्र चौधरी ने बताया कि यह प्लान शहर के लिए बनाया गया है। सबसे पहले टीसीपी को चाहिए था कि वह आम जनता को विश्वास में ले। दूसरा, वर्ष 2000 से पहले जिन लोगों की रजिस्ट्री हो चुकी है, ग्रीन एरिया में उनको भी राहत दी जानी चाहिए। इसमें कई प्लॉट मालिक ऐसे है, जिनके पास चार बिस्वा या इससे कम जमीन है। उन्होंने कहा कि ग्रीन एरिया में जहां लोग बसे हैं, उन्हें इससे बाहर रखा जाना चाहिए। इसके अलावा जिस एरिया में जितनी ज्यादा मंजिल भवन का निर्माण हो चुका है, अन्य लोगों को भी उतनी ही मंजिल की स्वीकृति मिलनी चाहिए। जहां तक एटिक की बात है, इसमें लोगों को राहत दी जानी चाहिए, ताकि लोग एटिक में भी रह सकें।