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होगी पुलिस वाले पर कारवाई

bhaskar.com | Dec 11, 2012, 05:58AM IST
होगी पुलिस वाले पर कारवाई

शिमला
सदर थाने में शनिवार देर रात आईजीएमसी के एमबीबीएस छात्रों के साथ मारपीट करने मामले में पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।


डीजीपी ने एक कमेटी गठित कर मामले की गहन जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में जल्द ही यह जांच कमेटी मामले की जांच शुरू कर देगी।


इसमें पुलिस अफसरों पर शराब के नशे में प्रशिक्षु डॉक्टरों से मारपीट करने और उन्हें मुर्गा बनाने के प्रकरण की भी जांच की जाएगी। यदि पुलिस अफसरों के नशे में होने की बात सामने आई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।


 


जांच के बाद कार्रवाई
वहीं, जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या एमबीबीएस छात्रों ने गलती की थी या नहीं। जांच की एक रिपोर्ट डीजी को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले आईजीएमसी सीएसए का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को अध्यक्ष हरीमोहन शर्मा की अगुवाई में डीजीपी आईडी भंडारी से मिला और अपना शिकायत पत्र सौंपा।


इस दौरान प्रशिक्षुओं ने सदर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषी अफसरों के खिलाफ जांच की मांग की। सेंट्रल स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीमोहन शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जानी चाहिए।एसपी की कार्रवाई पर भी नहीं भरोसा
 


पुलिस पर नहीं भरोसा
अध्यक्ष ने कहा कि सदर पुलिस और पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रशिक्षु डॉक्टरों के साथ दुव्र्यवहार किया है जिसके लिए दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात 40 से अधिक छात्रों को सदर थाने में पीटा गया और उन्हें मुर्गा बनाया गया। पुलिस पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष ने डीजी से इसकी गहन जांच की मांग की। सदर पुलिस पर मेडिकोज ही नहीं कई और लोग पर कई बार सवाल उठा चुके हैं।


इससे पूर्व कुछ दिन पूर्व कार्ट रोड पर कुछ युवकों ने तलवारें लहराकर खूब हंगामा मचाया था लेकिन उसमें एक कांग्रेसी नेता का बेटा होने के कारण मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। मेडिकोज का आरोप है कि पुलिस सिर्फ रेस्तरां मालिक का ज्यादा पक्ष ले रही है।
 


किसका था फोन नहीं पता
वहीं, शनिवार देर रात प्रशिक्षु डॉक्टरों को छोडऩे के लिए जिस शख्स ने डीएसपी बनकर थाने में फोन लगाया था, उसका पता अभी नहीं चल पाया है। फिलहाल पुलिस इस नंबर को ट्रेस कर रही है और इसका रिकॉर्ड लिया जा रहा है।


पुलिस के अनुसार किसी ने थाने के नंबर पर फोन कर इन छात्रों को छोडऩे के ऑर्डर दिए थे। बाद में पता चला कि यह शख्स कोई डीएसपी नहीं बल्कि कोई फ्रॉड है।


"मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए एक जांच कमेटी गठित की जा रही है। जो जल्द पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी|"  


        -आईडी भंडारी, पुलिस महानिदेशक

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