शिमला।भारत के सबसे पुराने मठों की अगर बात की जाए तो ताबो बौद्ध मठ सबसे पुराने बुद्ध मठों में गिना जाता है। ताबो मठ हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी में स्थित हैं और 1016 साल पुराना है। इसके दो भाग हैं एक पुराना और दूसरा नया।
1975 में आए भूकंप के बाद 1983 में नए सभा कक्ष का निर्माण किया गया। यह मठ पहाड़ों पर 3050 मीटर (10007 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पहुंचने रास्ता काफी दुर्गम है।
क्यों आएं यहां
आपको जानकर सबसे बड़ी हैरानी होगी कि यह प्राचीन मठ स्थानीय रेत और मिट्टी से बना है और इसके बावजूद यह अपने पुराने अस्तित्व में ज्यों का त्यों खड़ा है। मठ के अंदर कुल 9 मंदिर, 23 स्तूप और बौद्ध भिक्षुओं के घर बने हुए है, जिनके अपने भवन और प्रवेश द्वार हैं।
मंदिरों के अंदर के बौद्ध धर्म से जुड़ी बहुमूल्य भव्य तिब्बत चित्रकारी और पांडुलिपी का विशाल संग्रह है। भारत सरकार ने इसे देश की प्राचीन धरोहरों में शामिल कर लिया गया है। साथ ही मंदिरों के अंदर फोटोग्राफी करना मना है।
महान राजा का महान निर्माण
ताबो मठ का निर्माण महान तिब्बती बौद्ध लोत्सावा रिनचेन जेंगपो ने 996 ईसवी में करवाया था। जेंगपो पश्चिमी तिब्बत के प्राचीन राज्य गुजे के राजा थे। कहा जाता है उन्होंने पश्चिमी तिब्बत से लेकर हिमाचल तक 100 से ज्यादा बौद्ध मठ बनवाए थे, जो अपने समय का सबसे महान कार्य माना जाता है।
फोटो फीचर में देखें जो जहां था वहीं जम गया
उसे पहले मिट्टी के तेल से भीगे कपड़े पहनाये गए फिर..
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