फेस्टिवल सीजन में नहीं होंगे विधानसभा चुनाव : संपत
शिमला। मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव फेस्टिवल सीजन के दौरान नहीं करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब भी चुनावी तिथि घोषित की जाएगी, उस दौरान फेस्टिवल सीजन और प्रदेश के दुर्गम एवं कठिन क्षेत्रों में मौसम के हालात को ध्यान में रखा जाएगा।
वीएस संपत वीरवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन साल से ज्यादा एक ही स्टेशन पर टिके अफसरों के तबादले होने चाहिए। उनके साथ चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। संपत ने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया जाएगा। इस प्लान के तहत चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने वालों को आ रहीं संचार संबंधी परेशानियों को दूर किया जाएगा।
आदर्श चुनाव आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। हालांकि, उन्होंने ऐसे कोई संकेत नहीं दिए क चुनाव की तिथि कब घोषित हो सकती है।
पेड न्यूज पर होगी कार्रवाई
संपत ने कहा कि पेड न्यूज को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे समाचार, जिससे पार्टी या उम्मीदवार विशेष को लाभ मिले, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसी तरह चुनावी खर्च पर पूरी नजर रखी जाएगी। शराब और धन का दुरुपयोग न हो, इसके लिए फुलप्रूफ प्लान तैयार किया जाएगा।
मतदाताओं को करेंगे जागरूक
मुख्य चुनाव आयुक्तने कहा कि इस बार मतदाताओं को घर-घर जाकर मतदान करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस दौरान फोटो आइडेंटी स्लिप मतदाता तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गलतियां न हो, इसके लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम हो रहा है।
9 अगस्त तक बन जाएगी मतदाता सूची
संपत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची को नौ अगस्त तक अंतिम रुप दे दिया जाएगा। इस अवधि तक नए नाम दर्ज करवाने और कटाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची को वेबसाइट पर डाला जाएगा, जिससे मतदाता आसानी से उसे देख सके।
स्वार्थी अफसरों से निपटेंगे : मुख्य चुनाव आयुक्तने कहा कि जो अधिकारी चार साल से एक ही पद पर टिके हैं, उनके तबादले किए जाएं। उन्होंने कहा कि तीन साल से अधिक समय एक ही स्थान पर डटे रहने के पीछे अधिकारी का स्वार्थ हो सकता है।
दो चरण में हो सकते हैं चुनाव: प्रदेश में विधानसभा चुनाव को दो चरणों में करवाया जा सकता है। दोनों चरणों के चुनाव की तिथि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखकर की जाएगी।
गुजरात के साथ चुनाव संभव:
संपत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के चुनाव गुजरात विधानसभा के साथ हो सकते हैं।






