पहला जिला जिसमें प्रेग्नेंट महिलाओं को मिलेगा सरकार की तरफ से हेल्दी डाइट

हमीरपुर। जिला की हर गर्भवती और धात्री प्रसूता महिला अब पूर्व पोषाहार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचेगी। देश के 52 जिलों में हिमाचल से सिर्फ हमीरपुर जिला का चयन पायलट प्रोजेक्ट के लिए हुआ है। जिला में ये योजना लागू हो गई है।
सरकारी कर्मचारी इस योजना में नकद राशि के पात्र नहीं होंगे। योजना को महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि हर गर्भवती का पंजीकरण आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने से भ्रूण हत्या पर जहां चैक रहेगा वहीं उनका स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहेगा। आमतौर पर गर्भवती महिलाओं में खून की कमी और कुपोषण का शिकार होना आम बात हो गई है।
हमीरपुर जिले के अलावा किसी अन्य जिले की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगी। भले ही वह यहां चेकअप के लिए आती हों।
कार्यकर्ताओं को भी लाभ
पायलट प्रोजेक्ट के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। नए प्रोजेक्ट के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड रखेगी। केंद्रों पर ही उन्हें पोषाहार भी दिया जाएगा। गरीब व निर्धन परिवारों की महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। महिलाओं को बच्चों को जन्म के समय पूरे टीके लगाना, साफ-सफाई, पूर्व पोषाहार कंडीशन पूरा करने पर ही नकद राशि मिलेगी। अब तक कई महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं जाती थीं जिस कारण उन्हें पूर्व पोषाहार नहीं मिल पाता था।
चार हजार रुपए नकद मिलेंगे
योजना के तहत हर गर्भवती का आंगनबाड़ी केंद्रों में नाम पंजीकृत होगा। 19 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को स्वास्थ्य पोषण से जुड़ी शर्तो को पूरा करने पर 4 हजार की नकद राशि भी दी जाएगी। यह राशि गर्भावस्था की दूसरी तिमाही से शुरू होकर शिशु की 6 माह आयु तक तीन किस्तों में दी जाएगी।
मातृत्व सहयोग योजना
देश के 52 जिलों में से इस जिले को भी पायलट आधार पर मातृत्व सहयोग योजना में शामिल किया गया है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को 4 हजार की नकद राशि भी दी जाएगी। राजेंद्र सिंह, डीसी हमीरपुर








