हुआ फर्जीवाडा का खुलासा : इंदौर की कंपनी की करामत

ऊना
इंदौर की एक कंपनी पर ऊना के दर्जनों लोगों ने रुपए ऐंठने का आरोप जड़ा है। इस संबंध में मंगलवार को लोग यहां डीसी संदीप कदम से मिले व इंसाफ की गुहार की। डीसी ने लोगों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए मामले की जांच एडीएम राकेश शर्मा को सौंप दी है।
इससे पहले ठगी के शिकार लोगों ने मंगलवार को बहडाला में उक्त कंपनी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
उक्त कंपनी को ऊना में लांच करवाने वाले जलग्रां निवासी राजेश कुमार के मुताबिक रोपड़, नालागढ़ और डेरा बस्सी के तीन लोगों ने एक ब्रांड नेम पर किरयाना स्टोर खुलवाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपए सिक्योरिटी के रूप में लिए।
इसके लिए 11 माह का एग्रीमेंट किया। स्टोर के 150 रेगुलर ग्राहक बनाए गए। जिनसे छह हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से कंपनी द्वारा वसूल किया गया।
नियमित ग्राहकों को खरीद में छूट का प्रावधान देते हुए अग्रिम रूप से छह-छह हजार रुपए भी जमा करवा लिए, जो राशि करीब छह लाख बनती है, लेकिन अर्सा बीतने के बाद भी लोगों को सामान नहीं मिल पाया।
राजेश कुमार ने बताया कि कंपनी की ढुलमुल नीति को देखते हुए उन्होंने अपने रुपए वापस मांगे तो कंपनी ने एक चेक उन्हें थमा दिया, लेकिन यह चेक भी बाउंस हो गया, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई है।
ठगी के शिकार लोग
ठगी का शिकार हुए अन्य लोगों में राजकुमार, अमरजीत, सुलोचना, यशवंत, दासराम, दर्शना, कुसूम, पुष्पा देवी, भला राम, शंकुतला, भोली, निर्मला, नीलम, बबीता, च्योति, तृष्ला, चंचला, दर्शना, रोशनी, कांता, निर्मला समेत करीब दो दर्जन लोग शामिल हैं।






