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डेढ़ साल के अभय को है आपके मदद की दरकार...

Bhaskar News | Jul 16, 2012, 03:46AM IST
 
 

रोहडू। आसमान की बादलों से कुछ ऐसी साजिश हुई/मेरा घर मिट्टी का था मेरे ही घर बारिश हुई

किसी शायर की लिखी ये पंक्तियां गंगटोली निवासी सुरेंद्र व बीना देवी की जिंदगी पर सटीक बैठती है। गरीबी का दंश झेल रहे सुरेंद्र का परिवार पहले ही कई परेशानियों से जूझ रहा था कि डेढ़ साल के बेटे अभय के हृदय रोग ने परिवार की कमर तोड़कर रख दी है।

दर्जी का काम करके दो वक्त की रोटी इंतजाम कर रहे गंगटोली निवासी सुरेंद्र का परिवार एक कच्चे ढारे में गुजर बसर कर रहा है। इससे पहले की सुरेंद्र अपने परिवार के लिए एक छोटा सा घर बनाने का सपना देखता था, कि कुदरत ने सुरेंद्र के डेढ़ साल के बेटे अभय के जीवन को संकट में डाल कर सुरेंद्र व उसकी पत्नी बीना पर मुसीबत का पहाड़ गिरा दिया। बेटे अभय के दिल में रक्त संचार करने वाली नसों की खराबी के चलते आईजीएमसी शिमला के हृदय रोग विशेषज्ञों ने अभय को दिल्ली एम्स में रेफर कर दिया।

दिल्ली में एक्स के मंहगे इलाज के लिए सुरेंद्र व बीना अब तक दो लाख रुपए का उधार उठा चुके हैं। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को सुरेंद्र की खराब माली हालत व अभय के गंभीर रोग का पता चल रहा है अब सुरेंद्र को ऋण देने वाले भी अपने हाथ पीछे खींचने लगे हैं। नतीजतन अभय का इलाज रूक गया है। आंखों में आसूं लिए बेबस बीना अपने मासूम बेटे को दर्द से कहराता हुए देखने के लिए मजबूर हो गई है।

बीना का कहना है कि एक बार दिल्ली जाने में कम से कम 30 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। सुरेंद्र का कहना है कि चिकित्सकों के मुताबिक जब तक अभय पांच साल का नहीं हो जाता तब तक उसका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता।
इसलिए पांच साल तक उसे इलाज के लिए एमस आते रहना पड़ेगा। ऐसे में सुरेंद्र व बीना के लिए अपने मासूम बेटे का इलाज करवाना मुश्किल हो गया है।

असहाय बीना देवी व सुरेंद्र अपने बच्चे के इलाज के लिए लाख कोशिशें करने के बावजूद कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

अभय की मदद कर सकते हैं आप
अभय की मां बीना देवी के हिमाचल प्रदेश को ओपरेटिव बैंक रोहडू के खाता संख्या 43210120543 में अपनी मदद दे सकते हैं।
 
 
 

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