भोपाल.हरियाणा.देश में सबसे पहले वैल्यू एडेड टैक्स लागू करने वाले हरियाणा ने कहा है कि गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू होने पर उसे 1200 करोड़ रुपये के परचेज टैक्स का नुकसान होगा। बिजनेस भास्कर से विशेष बातचीत में हरियाणा की वाणिज्य कर एवं आबकारी शुल्क मंत्री किरण चौधरी ने यह बात कही। चौधरी ने कहा कि जीएसटी को लागू करने से सिंगल विंडो सिस्टम को आसानी से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सिंगल टैक्स सिस्टम से कर राजस्व में लंबे समय में ग्रोथ हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी को लागू करने में हरियाणा को कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पहले सभी राज्यों के साथ केंद्र को बात करनी चाहिए। जीएसटी देश के सकल उद्योग बढ़ोत्तरी में सहायक है। अलग-अलग राज्यों में करों की दर में अंतर होने के कारण कई राज्यों से दूर रहने वाले उद्योग जीएसटी लागू होने के बाद निवेश के लिए आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी को राजनीतिक दृष्टि से ना देखते हुए हमें आर्थिक विकास की दृष्टि से देखना चाहिए। चौधरी ने कहा, यह अवश्य है कि टैक्स लागू करने से पूर्व राज्यों को होने वाली नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
हरियाणा को विशेष रूप से परचेज टैक्स खत्म हो जाने के कारण 1000 से 1200 करोड़ प्रति वर्ष की हानि होगी। उन्होंने कहा कि चूंकि यूरोपीय यूनियन ने अलग-अलग देश होते हुए भी इसे लागू किया है तो हम तो इसे लागू कर ही सकते हैं। चौधरी के मुताबिक अभी इस टैक्स पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है विशेष तौर पर कर की दरों को लेकर।
इस पर राज्यों की वाजिब चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए क्योंकि अंतत: इस टैक्स का फायदा या नुकसान राज्यों को ही होगा। स्थिति स्पष्ट नहीं : अभी जीएसटी पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, खास तौर से कर की दरों पर। राज्यों की वाजिब चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए क्योंकि अंतत: इस टैक्स का फायदा या नुकसान राज्यों को ही होगा।
जीएसटी का समर्थन
अलग-अलग राज्यों में करों की दर में अंतर होने के कारण राज्यों से दूर रहने वाले कई उद्योग जीएसटी लागू होने के बाद निवेश के लिए आगे आएंगे। जीएसटी को राजनीतिक दृष्टि से ना देखते हुए हमें आर्थिक विकास की दृष्टि से देखना चाहिए। जीएसटी लागू करने में हरियाणा को कोई परेशानी नहीं। इससे सिंगल विंडो सिस्टम आसानी से लागू हो सकेगा। -किरण चौधरी, वाणिज्य कर एवं आबकारी शुल्क मंत्री, हरियाणा