इस लड़की की कहानी सुन, सलाम किए बिना नहीं रह पाएंगे आप

हमीरपुर.मुंडखर गांव की 22 वर्षीय कुसुमलता की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं, लेकिन पढ़ाई का जज्बा और कुछ कर गुजरने की चाहत पाले कुसुम ने सोमवार को पीजी डिग्री कॉलेज में अपनी परीक्षा दी। उसका कहना है कि वह बीएड करने के बाद गरीब बच्चों को शिक्षा की अलख जगाना चाहती है।
गरीब परिवार से संबंधित कुसुम की फिलॉसफी में कंपार्टमेंट थी। वह बीएड कर रही है। जिस बीमारी से वह जूझ रही है उसमें कोई भी हिम्मत हार सकता है, लेकिन कुसुम का कहना है कि उसे पूरी उम्मीद है कि उसकी हिम्मत हारने से पहले उसे कोई दानी जरूर मिलेगा जिसके बल पर वह अपना इलाज करवा कर अपने मिशन को पूरा कर सके।
वहीं, आईजीएमसी में कुसुम का इलात कर रहे डॉ. संजय विक्रांत का कहना है कि हर तीसरे दिन कुसुम का डायलसिस करवाया जा रहाहै। परिवार के लिए खर्च वहन करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। कुसुम सबसे बड़ी है। इसके अलावा उसकी छोटी बहन वंदना बीए सेकंड ईयर में पढ़ रही है। भाई राजीव बीए कर चुका है।
भास्कर सरोकार : आप बन सकते हैं मददगार
कुसुम के पिता ने लोगों से अपील की है कि वह उनकी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए आगे आएं। डॉक्टर्स ने उसकी किडनी बदलने के लिए 10 लाख रुपए की राशि का खर्चा बताया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल नंबर 98166-96271 पर आर्थिक सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप कुसुम के पिता कांशीराम के बैंक खाते (3250110475 स्टेट को-ऑपरेटिव बंक शाखा, सुंदरनगर) में भी राशि ट्रांसफर करवा सकते हैं।
4 लाख किया खर्च
पिता कांशी राम और माता सरिता देवी की बेटी कुसुमलता का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले उसकी बेटी को यह लक्षण सामने आए। इसका उपचार शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ में करवाया गया। अब तक वह चार लाख की राशि खर्च कर चुके हैं। पिता पेशे से ड्राइवर हैं। घर का खर्चा करना भी अब इस परिवार के सामने मुश्किल हो गया है। बावजूद इसके वह बेटी को पढ़ा कर उसे काबिल बनाना चाहते हैं, लेकिन बीमारी अब आड़े आने लगी है।
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