हिमाचल में बनीं दवाइयां तय मानकों पर फेल
Source: नारायण ठाकुर | Last Updated 07:09(10/02/12)
मंडी.कर्नाटक में एक बार फिर हिमाचल में बनीं 18 दवाइंयां तय मानकों पर फेल हो गईं हैं। राज्य के ड्रग कंट्रोलर विभाग ने इन दवाइयों को वापस लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने इन दवाइयों के 1 जनवरी से 31 जनवरी तक टेस्ट लिए। इसके बाद इन दवाइयों के मिश्रण मानक से कम पाए गए। विभाग इन दवाइयों के सैंपल भरने के बाद अपनी ड्रग टेस्ट लैब बेंगलुरू और क्षेत्रीय ड्रग टेस्ट लैब हुबली में भी इनकी टेस्टिंग की। जिसमें फेल होने के बाद इनका उपयोग न करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी दवाइयां सोलन जिले में बनाई जा रही हैं।
मानकों से 70 फीसदी कम
दवाई के सैंपलों में तय मानकों का 70 प्रतिशत स्तर पाया गया। इसके बाद विभाग ने कर्नाटक के 25५क्क् से अधिक कैमिस्टों, होलसेलरों और सभी अस्पतालों से इन दवाइयों को हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही लोगों को इसका सेवन न करने की चेतावनी दी है। विभाग ने दवाइयों की गुणवत्ता घटिया होने के कारण समय-समय पर छापेमारी करने का निर्णय लिया है।
6 माह में चौथा मामला
दवाइयों के सैंपल फेल होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गत वर्ष नबंवर में महाराष्ट्र में भी हिमाचल से बनी दवाइयों के सैंपल फेल होने के बाद वहां की सरकार ने यहां से आने वाली दवाइयों पर बैन लगा दिया था। इसके बाद यह जनवरी में कर्नाटक में भी प्रदेश में बनी दवाइयों के सैंपल फेल हो गए। तीसरी बार महाराष्ट्र भी सैंपल फेल होने के बाद दोबारा कर्नाटक में दवाइयों के मानक फेल होने से यहां बन रही दवाइयों की गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न् लगने शुरू हो गए हैं।
प्रदेश लोक हित पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष महेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश की दवाइयों के दूसरे प्रदेशों में फेल होना शर्मनाक हैं। हमने तो पहले ही सारी बातें कह दी हैं। हमारी बातें अब सामने आने लगी हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि बार-बार दवाओं का फेल होना यह दर्शा रहा है कि दाल में कुछ काला है। हमारा ड्रग कंट्रोलर विभाग की नालायकी भी सामने आ रही है। पहले भी पूर्व ड्रग कंट्रोलर का मामला संदेह के घेरे में है। उसका भी अभी तक कुछ खास नहीं हो पाया है।
6 माह में चौथा मामला, 1 से 31 जनवरी तक किए टेस्ट
जनवरी में भी कर्नाटक में फेल हुए थे सैंपल
मेडिकल स्टोर्स से दवाएं हटाने के निर्देश
सोलन में हो रहा है इनका उत्पादन
स्वास्थ मंत्री ने कहा, कराएंगे जांच
ये हैं दवाएं
विभाग ने पैरासिटामॉल, एक्टिव-500, अवायेजेमे सिरप, अमॉक्सिसिलीन, डिक्लोसोसिलिन, मोंक, सीवी 228 5डीटी, अमॉक्सिसिलीन, पोटाशियम क्लेव्यूलानेट, डीक्लोफेंस सोडियम इंजेक्शन, अमॉक्सिसिलीन थ्राइडरेट, क्लेवुनेट पोटैशियम, जोक्शियल सीवी, एसपीए-वेस, ओएफवाई-200, अवाईजेमी दवाई को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है।