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देश में सबसे ज्यादा 65% बढ़ा हिमाचल का बजट
भास्कर न्यूज | Dec 28, 2012, 07:41AM IST

शिमला। नई दिल्ली में गुरुवार को हुई राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में हिमाचल प्रदेश के लिए 22,800 करोड़ रुपए की 12वीं पंचवर्षीय योजना मंजूर की गई। 2012-2013 में शुरू होने वाली योजना के लिए केंद्र सरकार ने 65 फीसदी की वृद्धि की है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है। पिछली योजना 13,778 करोड़ रुपए की थी।
इस वृद्धि से प्रदेश की विकास 9 फीसदी तक पहुंच जाएगी जो राष्ट्रीय विकास दर 8.2 प्रतिशत के मुकाबले ज्यादा है। कृषि क्षेत्र में मौजूदा विकास दर 4.2 प्रतिशत की अपेक्षा बढ़ाकर 4.5 फीसदी का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मांग उठाई कि केंद्रीय योजनाओं में हिमाचल को भी अन्य विशेष श्रेणी राज्यों की तर्ज पर 90:10 अनुपात में हिस्सा मिले।
एलपीजी सिलेंडरों पर जारी रहे सब्सिडी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी जारी रहनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो ईंधन के लिए जंगलों पर दवाब बढ़ेगा। अभी केंद्र सरकार ने एक साल में 6 घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या सीमित की है। इसे बढ़ाकर 12 किया जाए।
दिल्ली में मिले दिग्गज तो बैठक में बजीं तालियां
दिल्ली में वीरवार को हुई राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात खास रही। दोनों ने एक दूसरे को बधाई दी। बैठक में मौजूद लोगों ने तालियों से दोनों दिग्गज नेताओं का स्वागत किया। वीरभद्र सिंह छठी बार हिमाचल के सीएम बने हैं जबकि नरेंद्र मोदी ने भी चौथी बार गुजरात की कमान संभाली है।
ये मामले भी उठाए
> कांगड़ा जिला के टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को एम्स का दर्जा दिया जाए।
> जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में आड़े आ रही पर्यावरण संबंधी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं।
> उत्तर-पूर्वी राज्यों की तर्ज पर हिमाचल को हेलिटैक्सी पर सब्सिडी दी जाए।
> राज्य में वायु सेवाएं बहाल हों। शिमला एयरपोर्ट का विस्तार हो।
> बद्दी-कालका, बिलासपुर- लेह वाया मनाली रेलवे लाइन राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित हो।
> नंगल-तलवाड़ा और भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के निर्माण को तेजी लाई जाए।
> हिमाचल का औद्योगिक पैकेज दोबारा बहाल किया जाए।
> शिमला-कालका एनएच- 22 को फोर-लेन बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध दिया जाए। केंद्रीय सड़क निधि से बजट मिले।
विदेशी सेब पर तीन गुणा हो आयात शुल्क
मुख्यमंत्री ने विदेशी सेब के आयात शुल्क का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि विदेशी सेब पर आयात शुल्क तीन गुणा बढ़ाया जाए। उन्होंने भारतीय फल उत्पादकों को पर्याप्त संरक्षण देने का अनुरोध किया। सभी फलों की उत्तम प्रजातियों को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास पर निवेश राशि बढ़ाने का आग्रह किया। प्रदेश में चाय उद्योग को बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए।








