शिमला. साइबर क्राइम के बढ़ते जाल को तोड़ने के लिए एचपी यूनिवर्सिटी जल्द ही इन्वेस्टिगेटिव साइबर एक्सपर्ट तैयार करेगा। ये एक्सपर्ट न सिर्फ साइबर क्राइम और उनके लिए बने कानूनों की जानकारी लेंगे बल्कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए भी प्रशिक्षित किए जाएंगे।
इसके लिए यूनिवर्सिटी साइबर क्राइम पर आधारित कोर्स शुरू करने जा रहा है। वर्तमान समय में आईटी कंपनियों समेत सरकारी एजेंसियों में साइबर एक्सपर्ट की मांग को देखते हुए यूनिवर्सिटी यह पहल करने जा रहा है। विजन दृष्टि दस्तावेज 2020 के तहत प्रस्तावित इस कोर्स को कार्यकारी परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। यह कोर्स अगले साल शुरू हो जाएगा।
अभी तक इस विषय की पढ़ाई देश के कुछेक विश्वविद्यालयों में ही करवाई जाती है। इसके अलावा कुछेक निजी संस्थानों में भी साइबर क्राइम की पढ़ाई करवाई जाती है लेकिन इसके बदले छात्रों से 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक फीस वसूली जाती है।
यूनिवर्सिटी में इसकी तुलना में काफी कम फीस तय की जाएगी। फिलहाल सीटों और फीस को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विवि प्रवक्ता डॉ. रणवीर वर्मा का कहना है कि समय की मांग को देखते हुए प्रशासन इस विषय को शुरू करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियों, सरकारी विभागों और निजी कार्यालयों में कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल और इंटरनेट पर साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कोर्स युवाओं के लिए काफी फायदेमंद होगा।
शुरुआती चरण में यह एक सर्टिफिकेट कोर्स होगा जिसके बाद डिग्री कोर्स भी शुरू किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार पहले साल में इसकी कुल 20 सीटें निर्धारित की जाएंगी। सभी सीटें सेल्फ फाइनेंसिंग रखने की योजना है। इसके लिए जल्द ही आईटी एक्सपर्ट की फैकल्टी नियुक्त की जाएगी। दूसरे विषयों की तरह इस विषय में भी दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।