एक ही चरण में होगा पूरे हिमाचल का 'चुनावी दंगल', 4 नवंबर को वोटिंग

नई दिल्ली/शिमला. हिमाचल की 68 और गुजरात की 182 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। हिमाचल में 4 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव में होंगे। दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं। इन राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले वर्ष जनवरी में खत्म हो रहा है। चुनाव अधिसूचना के साथ ही दोनों राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपथ ने बुधवार को दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों में मतगणना 20 दिसंबर को होगी और चुनाव प्रक्रिया 24 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। हिमाचल में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना 10 अक्टूबर को लागू होगी। इसी दिन पार्टियों के प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
प्रदेश में 10 अक्टूबर को जारी होगी अधिसूचना, 20 तक वापस ले सकेंगे नाम
विधानसभा सीटें : 68
आरक्षित : 20
कुल मतदाता : 45,16,054
प्रत्याशी का अलग खाता
उम्मीदवारों को चुनाव में खर्च करने के लिए अलग से अपना बैंक खाता खोलना पड़ेगा और उसमें जमा राशि को ही वे चुनाव में खर्च कर सकेंगे।
पिछले चुनाव में पेड न्यूज को लेकर मचे हंगामे को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार इस पर नजर रखने के लिए तीन कमेटियां बनाने का निर्णय लिया है।
सारी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर यह जांच का मुख्य आधार होगी।
हिमाचल : चुनाव कार्यक्रम
नामांकन की आखिरी तारीख
17 अक्टूबर
नामांकन पत्रों की जांच 18 अक्टूबर
नामांकन वापसी 20 अक्टूबर तक
मतदान 04 नवंबर
मतगणना और परिणाम
20 दिसंबर
(प्रदेश सरकार का कार्यकाल 10 जनवरी को खत्म हो रहा है।)
प्रत्याशी का अलग खाता
उम्मीदवारों को चुनाव में खर्च करने के लिए अलग से अपना बैंक खाता खोलना पड़ेगा और उसमें जमा राशि को ही वे चुनाव में खर्च कर सकेंगे।
पिछले चुनाव में पेड न्यूज को लेकर मचे हंगामे को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार इस पर नजर रखने के लिए तीन कमेटियां बनाने का निर्णय लिया है।
सारी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर यह जांच का मुख्य आधार होगी।
चुनाव में ये पहली बार
मतदाताओं को किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन बनाई गई है। वे 1950 नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।
मतदाओं को फोटोयुक्त पर्ची दी जाएगी। पहले फोटो सिर्फ वोटर लिस्ट में ही होती थी।
..और ये प्रदेश में
हिमाचल प्रदेश में पहली बार डी-लिमिटेशन के बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस पहली बार अपने प्रत्याशी उतारेगी।
टिकट आवंटन में भाजपा ने ली बढ़त
हिमाचल में भाजपा ने 45 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। अन्य 23 सीटों पर विचार चल रहा है। एक-दो में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। विपक्षी दल कांग्रेस अभी टिकटों का मामला फाइनल नहीं कर पाई है। कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह कई दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। फिलहाल प्रदेश कांग्रेस की ओर से भेजी लिस्ट पर कोई निर्णय नहीं लिया है। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
हिलोमो, टीएमसी बागियों के सहारे
बागी नेता हिलोमो (इसमें हिलोपा और माकपा और भाकपा शामिल हैं), टीएमसी और एनसीपी की मदद से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। भाजपा से अलग होकर बनी हिलोपा कुछ सीटों पर टक्कर दे सकती है। तीनों पार्टियों की नजर बागी उम्मीदवारों पर है।
आयोग ने माना हमारा आग्रह : धूमल
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि चुनाव आयोग ने राज्य के कई क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना के चलते पहले चुनाव करवाने के आग्रह को मान लिया और सभी 68 सीटों पर एकसाथ विधानसभा चुनाव करवाने की घोषणा की। उधर, कांग्रेस प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से किए जा रहे धड़ाधड़ किए जा रहे शिलान्यासों को देखते हुए चुनाव की घोषणा अच्छा निर्णय है।
95 वर्ष के श्यामसरण सबसे उम्रदराज वोटर हैं हिमाचल प्रदेश के, वह कल्पा (किन्नौर) के रहने वाले हैं।
15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हिक्किम पोलिंग स्टेशन प्रदेश का सबसे ऊंचाई पर स्थिति मतदान केंद्र है।
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