जानिए : जब राजा ही हो मुर्ख तो क्या होगा प्रजा का ?
हमीरपुर
केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे शहरी गरीबों के उत्थान के लिए कई कार्यक्रमों का लाभ राज्य के पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। इस बात का खुलासा यहां आयोजित केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की दो दिवसीय कार्यशाला में हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि कई नगर परिषदों व नगर पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को कई कार्यक्रमों की जानकारियां तक नहीं हैं। यही कारण है कि जहां पात्र गरीब स्वर्ण शहरी जयंती रोजगार योजना का कई जगह फायदा नहीं ले पा रहे, तो कई जगह तो एक भी पात्र नहीं जोड़ा जा सका है।
कार्यशाला में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है, उससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि अधिकारी भी इन योजनाओं को क्रियानवयन करवाने में तत्परता नहीं दिखा पा रहे हैं।
सोलन, शिमला, मंडी सहित कुछ नगर परिषदों में जरूर राहत मिली है। लेकिन अन्य कुछ नगर पंचायतों के गरीब पात्रों को सुविधाओं का अभाव रहा है।
मंत्रालय की ओर से जो आंकड़े जुटाए हैं, उनमें पहले नगर परिषदों व नगर पंचायतों के पार्षदों को अवेयरनेस के लिए न जोड़ पाने से इन स्कीमों का शत-प्रतिशत टारगेट अचीव नहीं हो पा रहे हैं, जबकि कई कार्यक्रम तो 2007 से चलाए जा रहे हैं।
अब पार्षद जो सीधा पब्लिक से जुड़े होते हैं और गरीबों का ज्यादा डाटा उनके पास रहता है। ऐसे में अब उन तक योजनाएं पहुंचने की उम्मीद जगी है। करोड़ों रुपए के इन कार्यक्रमों में शहरी गरीब परिवारों को आत्म निर्भर बनाने के लिए पार्षद बाकायदा बैठकों में पात्रों के चयन के लिए नाम सुझाएंगे।






