‘चीनी सैनिकों ने किया ल्हासा का घेराव’
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 08:22(07/02/12)
धर्मशाला. तिब्बती नववर्ष लोसर व 10 मार्च को तिब्बत राष्ट्र विद्रोह की वर्षगांठ के मौके पर चीन की साम्यवादी सरकार तिब्बत की राजधानी ल्हासा व तिब्बत के अन्य शहरों में एक बार रक्तपात की घटना की पुनरावृत्ति कर सकती है। ल्हासा शहर स्थित मुख्य बौद्ध मठ गदेन, सेरा, द्रेपंग को चीनी सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से घेर लिया है और इन शहरों में तिब्बतियों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
चीनी सैनिकों ने यह कदम तिब्बतियों द्वारा 22 फरवरी को नववर्ष उत्सव लोसर के आयोजन के मद्देनजर उठाए हैं। सोमवार को तिब्बत निर्वासित सरकार की सूचना मंत्री डिक्की छोयांग ने प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को तिब्बत से सूचनाएं मिली हैं कि तीन तिब्बती घायलावस्था में मिले हैं।
जिनमें एक 60 वर्षीय वृद्ध है, दूसरा 30 वर्ष का युवक। डिक्की ने आशंका जताई कि 10 मार्च को तिब्बत राष्ट्रीय विद्रोह की वर्षगांठ पर तिब्बत में एक बार फिर चीन रक्तपात की घटनाओं को अंजाम दे सकता है। इसलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन सरकार पर ऐसी घटनाओं पर विराम लगाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया है। तिब्बत में आत्मदाह की बढ़ती घटनाओं से ऐसे संकेत विश्व समुदाय के समक्ष हैं।
प्रार्थना सभा करें
डिक्की ने विश्व भर के निर्वासित तिब्बतियों से आह्वान किया है कि 8 फरवरी को वह अपने-अपने देशों में वहां के कानून अनुसार विशेष प्रार्थना सभाओं और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करें। तिब्बती केंद्रीय प्रशासन तिब्बत निर्वासित सरकार मुख्यालय मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखंग बौद्ध मठ में 8 फरवरी को सायं 3 बजे विशेष प्रार्थना का आयोजन करेगा।