पानी चोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

शिमला
शिमला में मीटर खराब होने की आड़ में पानी का दुरुपयोग करने वाले 2000 से अधिक दुकानदारों नगर निगम की ओर से नोटिस जारी होने वाले हैं।
नोटिस मिलने के बाद दुकानदार को एक सप्ताह में पानी का मीटर बदलना होगा नहीं तो दुकानदार के हाथों में प्रति माह 3300 रुपए के हिसाब से पानी का बिल थमा दिया जाएगा।
इसके लिए दुकानदार स्वयं ही जिम्मेवार होगा। जल वितरण शाखा ने नगर निगम परिधि में खराब पड़े व्यावसायिक मीटरों की फाइनल सूची तैयार कर ली है। अब ये रिपोर्ट म्यूनिसिपल इंजीनियर को सौंपी जानी है।
दो हजार से अधिक मीटर खराब
नगर निगम परिधि में कुल 4305 व्यवसायिक उपभोक्ता हैं। इसमें दो हजार से अधिक मीटर खराब पड़े हैं या फिर मिट्टी के बीच में दब गए हैं। इस कारण ऐसे उपभोक्ताओं को कई साल से औसतन आधार पर ही पानी के बिल जारी किए जा रहे हैं।
अब नगर निगम ने शहर में घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट पर पानी के बिल जारी करने के फैसला लिया है। इसको देखते हुए निगम प्रशासन खराब पड़े व्यवसायिक कनेक्शनों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
व्यवसायिक मीटर धारकों मीटर रीडिंग के आधार पर हर माह पानी के बिल जारी कर दिए जाएंगे। खराब मीटर बदलने से लोगों पानी का दुरुपयोग नहीं कर पाएंगे।
एक महीने में 1.41 करोड़ की आय
व्यवसायिक उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के आधार से बिल जारी किए जाने से नगर निगम को हर माह करीब 1.41 करोड़ की आय होगी। इस तरह से हर साल व्यवसायिक मीटरों से ही 16.92 करोड़ की आय हो सकती है।
इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं से होने वाली आय अलग से हैं।






