शिमला. प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से बिजली-पानी गुल हो गया है। वहीं, शीतलहर ने लोगों ने मुसीबत बढ़ा दी है। जनजातीय जिलों में बिजली संकट अभी भी बरकरार है। किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला में अभी भी कई स्थानों पर भारी बर्फबारी के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है।
किन्नौर जिला के अलावा शिमला जिला के चौपाल, रामपुर और ठियोग से लगते कुछ क्षेत्रों विद्युत आपूर्ति आंशिक तौर पर प्रभावित है। इसके अलावा कुल्लू और मनाली से लगते दुर्गम क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को बहाल करने के प्रयास जारी है। साथ ही सिरमौर जिला की कुछ पंचायतों में विद्युत आपूर्ति में बाधित रहने की सूचना है।
हिमखंड गिरने का खतरा
किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू और मंडी जिला में 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी हिमखंड गिरने की चेतावनी है। यह हिमखंड कुल्लू जिला के सोलंग, ब्यास कुंड, नेहरु कुंड और गुलाबा में हिमखंड गिर सकते हैं। इसलिए लोगों को घरों के अंदर ही
रहने की सलाह दी गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछा हाल : प्रधान सचिव राजस्व दीपक सानन ने मंगलवार को सभी जिला के डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर वहां का हाल पूछा। इस दौरान सरकारी स्तर पर भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की सलाह दी गई और इन क्षेत्र के लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई।
प्रधान सचिव राजस्व के अनुसार प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण अब जन जीवन सामान्य होने लगा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों को छोड़ सभी स्थानों पर स्थिति लगभग सामान्य है। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
रिवालसर में मकान गिरा
रिवालसर. रियूर में बारिश से एक मकान ढह गया। परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया है। सोमवार को रियूर के भगत राम का 3 कमरों का मकान ध्वस्त हो गया। पंचायत प्रधान गीता देवी ने घटनास्थल का मौका किया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए तिरपाल और आर्थिक सहायता की मांग की है। उनका परिवार अब बेघर हो गया है।
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