इसके अलावा कुछ स्थानों पर मंगलवार शाम करीब चार बजे से फिर बर्फबारी शुरू हो गई। प्रदेश में सबसे ज्यादा बर्फबारी कल्पा में 27 सेंटीमीटर रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मनाली में 12, कुमारसैन में 13 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।
शिमला और इसके आसपास के इलाकों में भी फरवरी की पहली बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। यहां पर सुबह दस बजे तक करीब पांच इंच बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फीली हवाएं चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। उधर, कुफरी में भी करीब आधा फुट बर्फबारी होने की सूचना है।
प्रदेश के निचले मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर एकाएक हुई बर्फबारी के चलते कई क्षेत्रों का तापमान भी शून्य से नीचे चला गया है। शिमला का न्यूनतम तापमान माइनस 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
यह सोमवार से करीब चार डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके अलावा सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान 5.1, कल्पा का माइनस 3, भुंतर का 3.8, धर्मशाला का 4.2, ऊना का 4.2, केलांग का माइनस 8.9, मनाली का माइनस 1.2 और सोलन का 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि प्रदेश के ऊंचाई वाले स्थानों पर वीरवार को भी हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
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