शिमला. हिल्स क्वीन शिमला सहित प्रदेश भर में बर्फबारी होने से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ फिर बर्फ से लकदक हो गए हैं। प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर मंगलवार देर रात से शुरू हुआ बर्फबारी का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा।
शिमला और इसके आसपास के इलाकों में भी फरवरी की पहली बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। यहां पर सुबह दस बजे तक करीब पांच इंच बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फीली हवाएं चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। उधर, कुफरी में भी करीब आधा फुट बर्फबारी होने की सूचना है। प्रदेश के निचले मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर एकाएक हुई बर्फबारी के चलते कई क्षेत्रों का तापमान भी शून्य से नीचे चला गया है।
रफ्तार पर लग गई ब्रेक
कुल्लू/ गोहर. मंगलवार रात और बुधवार को मनाली माल पर भी इस सीजन की चौथी बार बर्फ गिरी है। इससे यातायात और जन-जीवन प्रभावित हुआ। रोहतांग दर्रा, गुलाबा, कोठी, मढ़ी, सोलंगनाला, सहित जिला की तमाम पहाडिय़ों में एक बार फिर से बर्फबारी हुई है। उधर मंडी जिला के गोहर, चैलचौक, ख्योड़, बासा, धन्यारी, खारसी, नौण, जैहल, ध्ग्यारा, बाढू, मढोगलु में बर्फबारी हुई। बर्फबारी से कई सड़कें बंद होने की सूचना है।
प्रदेश में डेढ़ सौ रूट बंद
शिमला. भारी हिमपात से ऊपरी शिमला में यातायात व्यवस्था ठप है। प्रदेश के डेढ़ सौ रूट वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। पथ परिवहन निगम की 80 बसों के पहिए जाम हो गए हैं जबकि निजी 40 निजी बसें रास्ते में फंसी हैं। जिला किन्नौर में पथ परिवहन निगम की 45 बसें फंसी हैं। चौपाल जुब्बल, खड़ापत्थर, नारकंडा, कुमारसैन, रोहडू, खिड़की, नेरवा, शाहतलाई, करसोग, मुडी, थानाधार, रयोग, कोटीधार, जुब्बल, ठियोग, फागू सहित दर्जनों क्षेत्र यातायात से कट गए हैं। रिकांगपिओ से हमीरपुर के लिए एक बस भेजी गई है। काजा-समधू जाबुंग, कानम, रारंग पूह में एक व सांगला में दो बसें, रिकांगपिओ बस अड्डा में 13 बसें, वर्कशाप में 17 बसें, आईटीआई के समीप दो बसें और पवारी के मोड में चार बसें फंसी हैं। नारकंडा के पास एनएच बंद है।
12 सेंटीमीटर मनाली में, कुमारसैन में 13 सेंटीमीटर दर्ज
27 सेंटीमीटर बर्फबारी सबसे ज्यादा कल्पा में रिकॉर्ड