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'रामदेव आंदोलन करें तो भाजपा देगी साथ', साधा कांग्रेस पर निशाना
भास्कर न्यूज | Feb 24, 2013, 08:20AM IST

शिमला। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि साधु पुल में जमीन की लीज खारिज करने के मामले में यदि योग गुरु रामदेव आंदोलन करते हैं तो भाजपा पूरा समर्थन करेगी। कांग्रेस सरकार ने लीज समाप्त करके प्रदेश की जनता से खिलवाड़ किया है। इस प्रोजेक्ट से किसानों को सीधे तौर पर लाभ होना था। खेतों और निजी जमीन पर औषधीय पौधों की पैदावार पतंजलि योग पीठ संस्थान ने खरीदनी थी।
सत्ती ने माना कि पार्टी नेताओं में संवादहीनता पहले से होने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को एकसाथ लेकर चलना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सत्ती ने माना कि संवादहीनता सबसे खतरनाक है।
पत्रकार सम्मेलन में सत्ती ने बतौर प्रदेश अध्यक्ष दूसरी पारी की शुरुआत करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव पहला लक्ष्य है।
पार्टी को चुनाव में जीत दिलाने के लिए हर स्तर पर काम करेंगे। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां भाजपा के अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद योजनाओं के नाम बदलना गलत है। कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद मर्यादा की सभी हदें लांघ दी हैं। कांग्रेस को इसके दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ेंगे। सरकार हर स्तर पर बदले की भावना से काम कर रही है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नए संगठनात्मक जिलों के मामले में विरोधाभास दूर हो गया। प्रदेश के तीन जिलों कांगड़ा, मंडी और शिमला के नए संगठनात्मक जिलों को अंतिम रूप दिया गया। इन तीन जिलों के आठ नए संगठनात्मक जिले बनाए गए। सत्ती ने कहा कि प्रदेश के दोनों बड़े नेता नए जिलों के गठन को लेकर सहमत हैं।
ये नहीं आए
संसद के सत्र में व्यस्तता के कारण राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार और लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे। जबकि राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री जगत प्रकाश नड्डा बैठक में शामिल हुए। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में किशन कपूर, सरवीण चौधरी नहीं पहुंचे। शांता समर्थक दूसरे सभी नेता शामिल हुए।
भारद्वाज कमेटी की रिपोर्ट स्वीकार
सुरेश भारद्वाज कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नए संगठनात्मक जिलों को स्वीकार किया गया। भारद्वाज का कहना है कि सिराज को मंडी में डालने के बाद जयराम और कांगड़ा के नए चार जिले बनाने के मामले में सभी ने सहमति दी।
नए संगठनात्मक जिले
नया जिला शामिल मंडल
पालमपुर पालमपुर, सुलह, जयसिंहपुर, बैजनाथ।
नूरपुर नूरपुर, इंदौरा, ज्वाली, फतेहपुर।
कांगड़ा कांगड़ा, धर्मशाला, शाहपुर, नगरोटा बगवां
देहरा देहरा, जसवां-प्रागपुर, ज्वालामुखी।
मंडी मंडी, जोगेंद्रनगर, द्रंग, बल्ह, सिराज।
सुंदरनगर सुंदरनगर, धर्मपुर, नाचन, करसोग, सरकाघाट।
शिमला शिमला शहरी, शिमला ग्रामीण, कसुम्पटी।
महासू ठियोग, जुब्बल-कोटखाई, रोहड़ू, चौपाल, रामपुर।
विदेशी को दी जमीन
सत्ता में रहते हुए भाजपा को तो जिले बनाने की याद नहीं आई। भाजपा ने सत्ता में आते ही राजीव आवास योजना का नाम बदलकर अटल आवास योजना रखा था। सरकार ने इनका राष्ट्रीय स्तर का नामकरण किया है। रामदेव को जमीन देने वाले मामले में खामियां थी। भाजपा ने एक विदेशी के नाम पर जमीन कर दी थी।
-मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय कार्यमंत्री







