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हिमाचल के नए मुख्यमंत्री ने धूमल सरकार पर तरेरी आंखें
भास्कर न्यूज | Jan 10, 2013, 06:45AM IST

धर्मशाला। प्रदेश भर के पीटीए शिक्षक कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं थे, जिन्हें पिछली कांग्रेस सरकार ने नियुक्तियां दी थी। वो प्रदेश के ऐसे बेरोजगार थे, जिन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण कर इन पदों पर नियुक्तियां पाई। भाजपा सरकार ने कुंठित भावना से इनको बिना किसी कारण नौकरियों से बेदखल कर दिया था, अब इस वर्ग को न्याय देने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।
बुधवार को तपोवन के समीप जोरावर स्टेडियम में प्रदेश भर से आए पीटीए अध्यापकों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सम्मान में विशाल रैली का आयोजन किया। रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती और जाती हैं। मुझे हैरानी है कि धूमल ने पीटीए अध्यापकों के प्रति इतना सख्त रवैया क्यों अपनाया। धूमल की नीति रही गवर्नमेंट ऑफ बीजेपी, गवर्नमेंट बाय बीजेपी एंड गवर्नमंेट फॉर बीजेपी, जो कि गलत है।
भाजपा ने किया खिलवाड़
पूर्व भाजपा सरकार ने सभी सीमाएं लांघते हुए बदले की भावना के साथ पीटीए ही नहीं बल्कि कई वर्गो के साथ खिलवाड़ किया, जो अन्यायपूर्ण है। पीटीए अध्यापक उनके पिछले कार्यकाल में नियुक्त किए गए थे, जिनका चयन एसडीएम की अध्यक्षता में अभिभावक-अध्यापक कमेटी द्वारा किया गया था। लेकिन भाजपा सरकार ने बदले की भावना से काम करते हुए हजारों अध्यापकों को निकाल दिया और बहुतों का मानदेय बंद कर दिया गया।
सबको समान दृष्टि से देखें
सरकार को सभी अध्यापकों को समान दृष्टि से देखना चाहिए लेकिन पूर्व सरकार ने इस वर्ग की अनदेखी की। सरकार तानाशाही से नहीं चलती। प्राथमिक सहायक अध्यापकों और पीटीए अध्यापकों के लिए पूर्व सरकार ने कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई और हजारों अध्यापकों को न्यायालय जाना पड़ा।सरकार इन अध्यापकों के लिए नीति बनाने जा रही है।
यह नेता थे उपस्थित
इस अवसर पर आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती एवं विनय कुमार, विधायक मनसा राम, जगजीवन पाल, सोहन लाल, रोहित ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, संजय रतन, यादवेंद्र गोमा, श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हरदीप सिंह बावा, केवल सिंह पठानिया भी उपस्थित थे।
एफडीआई का स्वागत है
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के बाद पत्रकार वार्ता में वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से एफडीआई को लागू करने का प्रदेश सरकार स्वागत करती है। फिलहाल प्रदेश में यह लागू नहीं हो पाएगी, क्योंकि यहां का कोई भी शहर दस लाख की आबादी वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के उपाध्यक्ष का चयन बजट सत्र में किया जाएगा। उपाध्यक्ष के चयन के लिए भी सर्वसम्मति का प्रयास किया जाएगा।
जमीन मामले में होगी जांच
बाबा रामदेव और प्रशांत भूषण को नियमों के विपरीत जमीन देने के मामले की विभागीय जांच होगी। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
धूमल ने क्षेत्रवाद बढ़ाया
उन्होंने आरोप लगाया कि धूमल क्षेत्रवाद की राजनीति करते हैं। इसका उदाहरण सेंट्रल यूनिवर्सिटी को 45 किलोमीटर की दूरी पर चलाना है।
योग्य लोगों को दी थी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के ऐसे बेरोजगारों को नौकरी दी थी जिन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण की थी। इसी आधार पर इनकी नियुक्तियां की गईं।
धूमल की नीति
गवर्नमेंट ऑफ बीजेपी, गवर्नमेंट बाय बीजेपी एंड गवर्नमंेट फॉर बीजेपी, जो कि गलत है।
-वीरभद्र सिंह, मुख्यमंत्री
जन भावनाओं का सम्मान
वीरभद्र ने कहा कि सरकार धर्मशाला में शीतकालीन सत्र करवाने के प्रति वचनबद्ध है। सत्र से क्षेत्र के लोगों की भावनाएं जुड़ी है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। जन भावनाओं को देखते हुए ही धर्मशाला में विधानसभा का निर्माण किया गया है।
भाजपा को नहीं मिलेगा उपाध्यक्ष
भाजपा को विधानसभा उपाध्यक्ष पद नहीं दिया जाएगा। जब एक विधायक को तोड़कर भाजपा सत्ता में आई थी, तब भी पार्टी ने उपाध्यक्ष पद विपक्ष को नहीं दिया।
चंबा बार्डर में सुरक्षा कड़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा सीमा से लगते क्षेत्र में सुरक्षा घेरा कम नहीं होगा। इसके लिए अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त संख्या में तैनाती करने को कहा जाएगा।
सौरभ कालिया मामला केंद्र से उठाया
शहीद कैप्टन सौरभ कालिया से संबंधित मामला गृह मंत्रालय से उठाया गया है। प्रदेश सरकार शहीदों एवं देश के सैनिकों का सम्मान करती है।
पाकिस्तान को देंगे जवाब
केंद्र सरकार पाकिस्तान की तरफ से एलओसी पर की गई कार्रवाई का माकूल जवाब देगी। जिस तरह की अमानवीय कार्रवाई पाकिस्तान ने की है, उसे सहन नहीं किया जाएगा।








