शिमला। सोलन के साधुपुल में पतंजलि योग पीठ के लिए बाबा रामदेव को दी गई जमीन की लीज रद्द करने के बाद विवाद बढ़ गया है। पतंजलि योग पीठ समिति ने कहा है कि अगर बाबा रामदेव को हिमाचल में घुसने से रोका गया तो वे कोर्ट जाएंगे।
योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि साधुपुल में योगपीठ का सेवा प्रकल्प बनकर तैयार हो चुका है। ढाई साल में यहां 10 से 12 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने सरकार से यह राशि लौटाने की भी मांग की है।
उन्होंने कहा,‘सरकार का लीज रद्द करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। जनसेवा के कार्य को रोका गया तो हम कानून का दरवाजा खटखटाएंगे और जनसंकल्प को पूरा करके रहेंगे।’
उन्होंने कहा कि लीज निरस्त होने की जानकारी मीडिया से ही मिली है। सरकार की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। जमीन लीज पर लेने से पहले 30 से 40 गांव की पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिए गए हैं।
वहीं, मुख्य सचिव सुदृप्तो राय का कहना है कि लीज पर दी गई जमीन सरकार ने निरस्त कर दी है। ऐसे में बाबा रामदेव को उद्घाटन के लिए जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। लीज खारिज होने के बाद उन्हें किसी उचित फोरम पर जाकर मामला उठाना चाहिए। यदि जमीन उनके नाम होती है तो वे निर्माण कर सकते हैं।
आगे जानिए क्या है विवाद और क्या है लोगों का कहना...
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