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'आर्थिक पैकेज नहीं मिला तो वेतन-पेंशन का संकट'

भास्कर न्यूज | Feb 18, 2013, 03:08AM IST
'आर्थिक पैकेज नहीं मिला तो वेतन-पेंशन का संकट'
शिमला। केंद्र ने हिमाचल सरकार को 7,565 करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज नहीं दिया तो प्रदेश में कर्मचारियों को वेतन व पेंशनर्स को पेंशन का भुगतान करना मुश्किल हो जाएगा। अगले साल वेतन और पेंशन का भुगतान करने के लिए सरकार को 4,043 करोड़ रुपए चाहिए, जबकि सरकार की प्रस्तावित वार्षिक योजना 4,100 करोड़ रुपए की है। 
 
ऐसे में सरकार के पास मात्र 66 करोड़ रुपए ही बचेंगे। इससे राज्य के विकास कार्यो के लिए बजट नहीं बचेगा। प्रधानमंत्री के सामने प्रदेश की कठिन वित्तीय हालत रखने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की।
 
उन्होंने राज्य को कठिन वित्तीय संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार से 7,565 करोड़ रुपए के पैकेज का मामला उठाया और कहा सरकार को मदद नहीं मिली तो वेतन-पेंशन देने का संकट हो जाएगा।
 
28,000 करोड़ रुपए का कर्ज
 
हिमाचल प्रदेश सरकार कर्ज के सहारे चल रही है। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार 2100 करोड़ रुपए की कर्ज लिमिट से 1800 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज उठा चुकी है। केंद्र सरकार ने कर्ज के लिए राजकोषीय घाटे की शर्त राज्य के सामने तय की है। ऐसे में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए भारत सरकार से मिलने वाली सहायता में कैंची चलेगी। सालाना मिलने वाली आर्थिक मदद के 300 करोड़ रुपए भी अधर में लटक सकते हैं। सरकार पर कुल २८ हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।
 
ये मुद्दे भी उठाए
 
13वें वित्त आयोग के आकलन में सुधार किया जाए
केंद्रीय योजनाओं में 90:10 अनुपात से मिले बजट
विशेष औद्योगिक पैकेज 2020 तक बहाल हो
 
इन योजनाओं में बढ़े केंद्र की हिस्सेदारी
 
 कश्मीर सहित देश के उतर-पूर्वी विशेष श्रेणी राज्यों को केंद्र केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में बजट देता है, जबकि प्रदेश के लिए पहले वर्ष के बाद अनुपात घटा दिया जाता है। 
 
 सर्व शिक्षा अभियान में 65 प्रतिशत, मिड-डे-मील स्कीम में 75, इंदिरा आवास योजना में 75, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में 75, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में 75 प्रतिशत, आईसीडीसीएस में पोषाहार तत्वों के लिए 50 प्रतिशत और एंबुलेंस सेवा के लिए 20 प्रतिशत की दर से सहायता दी जा रही है। 
 
 सरकार चाहती है कि विशेष श्रेणी राज्यों की तर्ज पर ही प्रदेश को भी केंद्रीय सहायता दी जाए।
 
 
>> यदि प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज नहीं मिला तो हमारे सामने कर्मचारियों को वेतन व पेंशनरों को पेंशन देने का संकट खड़ा हो जाएगा। मैंने 106 करोड़ रुपए की विशेष केंद्रीय सहायता चालू वित्त वर्ष के दौरान बहाल करने का भी आग्रह किया है।
-वीरभद्र सिंह, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
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