शिमला। प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से लंबे समय से सूखी जमीन तर हो गई है। किसानों के चेहरों पर रौनक है। सेब बागबान बाग-बाग हो गए हैं।
मायूस दिख रहे पर्यटन व्यवसायियों के फिर दिन निकल पड़े हैं। हो भी क्यों न पहाड़ों पर उम्मीद के फाहों की बरसात जो हुई है।