मुंबई में भाई लोगों की मीटिंग
एक बार मुंबई के सभी भाई लोगों ने एक इमरजेंसी मीटिंग फिक्स की...
भाई लोग मतलब, गुण्डे लोग...
कयूम भाई, पप्पू कुरला, बाबू जलेला, छतरी, खजूर अलबेला.. सब एक जगह इकट्ठे हो गए...
इनका जो हैड है वह बोला...
ये खूजर बैठ जा, ये बाबू जलेला बैठ...
एक बीच में ही बोला . भाई-भाई...
एक दम से बुलाया, अचानक बुलाया...
भाई, मर्डर करने को जा रहा था, बीच में ही छोड़कर आया...
भाई कोई खास बात है...
भाई: मेरे मगज में एक आइडिया आ रेला है...
भाईगिरी में अब पहले जैसा मजा नहीं है...
पब्लिक सयानी हो गई है...
रोकड़ा घर पर रखती नहीं है, एटीएम का नाटक आ रेला है...
यह एटीएम कौन निकाले रे ला है मैं उसका एड्रेस ढूढ़ रेला हूं...
समझा ना, अपने दिमाग में आइडिया आ रेला है.. अपन लैइन चैंज करेंगे...
.
.
.
कल से ...
सत्संग और प्रवचन शुरू ..!!!







