मुझे कपड़े तो उतार लेने दीजिए
जैसे ही ड्राइवर ने गियर लगाया और बस को आगे बढ़ाने को हुआ कि तभी पीछे से एक मीठी सी आवाज़ आई – 'ड्राइवर साहिब, जरा एक मिनट रुकिए ! मुझे कपड़े तो उतार लेने दीजिए।'
बस में सभी की आंखें एकदम पीछे की ओर घूम गईं.... धोबन थी, जो अपना कपड़ों का गट्ठर बस से नीचे उतार रही थी।







