पिछले कुछ सालों में दुनियाभर की एयरलाइंस में किराए में कमी को लेकर बड़ी गला-काट प्रतियोगिता देखी जा रही है. हवाई सफर को आसान बनाने और यात्रियों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं.
भारत में भी इसे लेकर काफी प्रतिस्पर्धा का दौर है, बीते सालों में भारत में न केवल विदेशी और घरेलू उड़ाने में इजाफा हुआ , बल्कि यात्रियों की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखी गई. लेकिन, ऐसे में सवाल उठता है कि यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए.
साल 2012 हवाई सफर के लिए सबसे अच्छा रहा. यह 1945 के बाद से यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित साल था. लेकिन हर बार समय एक जैसा नहीं होता. 'जेट एयरलाइनर क्रेश डाटा एवेल्यूशन सेंटर' की ओर से एयरलाइन सुरक्षा और दुर्घटना की सालाना 'एयरलाइन सेफ्टी रैंकिंग' जारी की जाती है.
यह रैंकिंग पिछले 30 सालों में दुनिया की बड़ी एयरलाइंस की दुर्घटनाओं या प्लेन क्रैश को ध्यान में रख कर दी जाती है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों जैसे आईओएसए ऑडिट और यूएसओएपी को भी ध्यान में रखा जाता है.
dainikbhaskar.com अपने पाठकों को दुनिया की सबसे खराब एयरलाइंस के बारे में बता रहा है, जो पिछले 30 सालों ( साल 1983 से) में कई कारणों से बदनाम हुईं. (स्रोत: बिजनेस इनसाइडर)