यूं तो मानवाधिकार आयोग का कहना होता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक, निर्दयता या अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, बावजूद इसके महिलाओं को जेंडर के आधार पर दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। सारी दुनिया में पुराने रीति-रिवाजों और धार्मिक सिद्धांतों की वजह से महिलाओं की दशा और भी खराब हो गई है।
बहुत सारे मामलों में युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से दुनिया का ध्यान महिलाओं की इस दुर्दशा से दूसरी ओर मुड़ जाता है। हालांकि, अभी की कुछ घटनाओं से लोगों में जागरूकता काफी बढ़ी है। अरब क्रांति में ट्यूनीशिया, मिस्र, लीबिया और यमन में महिलाओं को अपनी आवाज उठाने का मौका मिला।
दिसम्बर 2012 में दिल्ली में हुई रेप की घटना ने दुनिया को झकझोर दिया. 23 साल की लड़की के साथ 6 लोगों ने चलती बस में रेप और टॉर्चर किया. कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई. एक स्टडी से यह बात सामने आई है कि हर तीसरी महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है। कुछ तो ऐसे कल्चर भी हैं, जिनमें महिलाएं आज भी बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं। उनके लिए तो मदद पाना भी बहुत ही मुश्किल हो गया है।
dainikbhaskar.com अपने पाठकों को बता रहा है दुनिया के ऐसे 10 देशों के बारे में, जो महिलाओं के लिए सबसे बुरे हैं... (दुनियाभर का ताजा हाल जानने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें)