सऊदी अरब
2009 में 'द वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम' ने जेंडर के आधार पर भेदभाव के मामले में सऊदी अरब को सबसे बुरे देशों में से एक बताया है। सऊदी अरब में हर उम्र की महिला के साथ एक पुरुष अभिभावक का होना जरूरी है। यहां तक कि घर में घुसने के लिए महिला-पुरुष के दरवाजे भी अलग होते हैं। वहां भेदभाव वाले नियम आज भी मौजूद हैं, जैसे एक महिला 1990 के बाद से हवाई जहाज में यात्रा तो कर सकती है, लेकिन एयरपोर्ट तक कार चला कर नहीं जा सकती है। 2012 में पहली बार सराह अत्तर और वोजडन शाहरकनी ने ओलिंपिक में भाग लेकर एक नया इतिहास रचा। 2012 में एक नया नियम लागू किया गया, जिसमें 2015 में महिलाएं पुरुष की इजाजत के बिना भी वोट दे सकेंगी।