दमिश्क. गृहयुद्ध की आग में जल रहे सीरिया में शांति स्थापना के प्रयास किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सभी संबंधित पक्ष अपने रुख पर डटे हैं। बागी लड़ाकों ने राष्ट्रपति बशर असद के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं।
दमिश्क के आसपास के इलाकों में लड़ाई जारी है। इधर, सीरिया के विपक्षी नेताओं ने पर्यटन स्थल मराकेश, मोरक्को में पश्चिमी देशों के राजनयिकों से बातचीत की। असद विरोधी गठबंधन सीरियाई नेशनल कोएलिशन (एसएनसी) को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और खाड़ी देशों की मान्यता तो मिल गई है लेकिन उसे अंदरूनी मतभेदों से जूझना पड़ रहा है।
सीरिया में संघर्षरत विद्रोही लड़ाकों ने शुरुआत से ही एसएनसी के निर्वासित नेताओं से दूरी बनाए रखी है। बागियों का आरोप है, ये नेता केवल बात करते हैं, कार्रवाई नहीं। दरअसल एसएनसी कई गुटों के नेताओं को मिलाकर बना है। उनमें इस मुद्दे पर खींचतान चल रही है कि असद के बाद देश कौन चलाएगा।
गठजोड़ के वाइस प्रेसीडेंट जॉर्ज साबरा ने बताया, हम सरकार के स्वरूप पर चर्चा कर रहे हैं। बागियों के बीच इस्लामी ताकतों की मौजूदगी से अनिश्चय बढ़ा है। अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी सीरिया को मानवीय मदद बढ़ाने के लिए तैयार हैं। लेकिन, वाशिंगटन विद्रोहियों को मारक हथियार देने के पक्ष में नहीं है। उसने असद विरोधी फौजी गुट नुसरा फ्रंट को आतंकवादी घोषित कर दिया है।
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