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21 दिसंबर 2012- प्रलय के बारे में रोचक तथ्य

Dainikbhaskar.com | Dec 21, 2012, 07:00AM IST
21 दिसंबर 2012- प्रलय के बारे में रोचक तथ्य
प्रलय को लेकर जिस तरह से चर्चाएं हो रही थीं, उसे देखकर कुछ लोगों का कहना है कि दुनिया सिर्फ इंटरनेट पर समाप्त हो रही है। लेकिन ऐसा नहीं है, दुनिया में भी माया कैलेंडर की अंतिम तिथि 21 दिसंबर 2012 को लेकर खासी उत्सुकता है। प्रलय को लेकर जहां कुछ लोग डरे हुए हैं वहीं कुछ बेहद उत्साहित भी थे। माया कैलेंडर के समाप्त होने पर प्रलय आने की भविष्यवाणी पर यकीन करने वाले लोग मौत से बचने के लिए शुक्रवार को सुरक्षित स्थानों पर रहे। लेकिन भारत से लेकर आस्ट्रेलिया तक में 21 दिसंबर को खास पार्टियां भी आयोजित की गईं। प्रलय की अफवाह के कारण 21 दिसंबर को दुनिया में कारोबारियों की चांदी रही। रेस्त्राओं में वर्ल्ड एंड मेन्यू रखे गए और वहां पार्टी करने वालों की भी कोई कमी नहीं रही। 
 
शुक्रवार को 5 हजार साल पुराना माया कैलेंडर समाप्त हो रहा है। प्राचीन माया सभ्यता के क्षेत्रों जिनमें मैक्सिको, बेलीज, ग्वाटेमाला, होंडुरस और अल स्लवाडोर शामिल हैं में धरती के समाप्त होने की आशंका के कारण टूरिज्म में भारी वृद्धि हुई है। शुक्रवार को माया सभ्यता से जुड़े तमाम स्थलों पर खूब आवाजाही रही। रिपोर्टों के मुताबिक यहां साउंड एंड लाइट शो,  पारंपरिक कार्यक्रम और गोष्ठियों के आयोजन रखे गए हैं ताकि लोगों को माया सभ्यता के बारे में बताया जा सके। 
 
रिपोर्टों के मुताबिक ब्राजील के गांव आल्टो पारायसो में प्रलय में विश्वास रखने वाले लोग भारी तादाद में पहुंचे। इस गांव के बारे में कहा जाता रहा है कि यहां रहस्यमयी शक्तियां हैं जो सालों से प्रलय का इंतजार कर रही हैं। वहीं बोलिविया की टिटिकाका झील के मध्य स्थित आइलैंड ऑफ द सन में भी प्रलय से जुड़े  आयोजन हुए।
 
तुर्की का गांव सिरिंस भी प्रलय को लेकर चर्चा में है। भविष्यवाणियों को लेकर केंद्र में रहने वाले इस गांव के पास स्थित सभी 400 होटल पूरी तरह बुक रहे। इस गांव को प्रलय के दिन का सबूत माना जाता रहा है। कहा जाता है कि वर्जिन मैरी इसी गांव से सीधे स्वर्ग पहुंची थी। दक्षिण इटली के सिस्टरनीनो गांव की ओर भी लोग रुख कर सकते हैं। इस खूबसूरत गांव के प्रलय में भी बचने की संभावना बताई गई है। 
 
रूस में भी स्टेलिन युग में बने एक बंकर में एक रात गुजारने के 30 हजार रूबल वसूले गए। इस बंकर की क्षमता 300 लोगों की थी।
 
भारत में भी दिल्ली, मुंबई और कई अन्य शहरों में 21 दिसंबर को 'डूम्‍सडे पार्टियां' हुईं। 
 
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