कछुए ने साबित किया डार्विन के सिद्धांत को
Source: एजेंसी | Last Updated 10:26(11/01/12)
लंदन. कछुओं की एक ऐसी प्रजाति की जानकारी मिली है, जिसे देखकर डार्विन को विकास के सिद्धांत का विचार आया था। करीब 150 साल पहले इस प्रजाति के विलुप्त होने की आशंका जताई गई थी।
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह प्रजाति अब भी प्रशांत महासागर के गालापागोस द्वीप समूह में रह रही है। अमेरिका के एक अध्ययन दल ने कहा है कि इस बात के आनुवंशिक संकेत हैं कि इस प्रजाति के कछुओं ने हाल में अपने जैसे कछुओं के साथ प्रजनन किया। उन्होंने गालापागोस द्वीप समूह के इसाबेला द्वीप के 84 कछुओं का अध्ययन किया था। उन्होंने देखा कि उनके डीएनए में चेलोनोइदिस इलेफैंटोपस प्रजाति के आनुवंशिक गुण पाए गए।
अध्ययन दल के प्रमुख डॉ. रयान गैरिक ने कहा, हमारी जानकारी में यह उस प्रजाति के बारे में लंबे अरसे के बाद पहली जानकारी है। वहीं आनुवंशिक संकेतों से पता चला है कि ये कछुए अपने पैतृक आवास फ्लोरिडा द्वीप से करीब 200 मील दूर इसाबेला द्वीप में निवास कर रहे हैं। यह वोल्फ ज्वालामुखी के नजदीक है।