भारत को 6.25 अरब डॉलर की मदद देगा एडीबी
एजेंसी
| May 06, 2012, 12:01PM IST

एडीबी के सचिव रॉबर्ट डाउसन ने कहा, ‘एडीबी की तीन साल के लिए भारत के बारे में योजना 2012-14 के दौरान 6.25 अरब डॉलर की सहायता उपलब्ध कराना है। यह राशि समावेशी और पर्यावरणनुकूल टिकाऊ वृद्धि के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।’
यह ऋण सहयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, वित्त और शिक्षा क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले तक एडीबी ने भारत के लिए 24.12 अरब डॉलर की राशि के कुल 159 ऋण मंजूर किए हैं। भारत का एडीबी के साथ जुड़ाव 1966 से है।
हालांकि, एडीबी की ओर से भारत को ऋण देने की शुरुआत 1986 से हुई। भारत ने हाल में इस बैंक के साथ अपनी भागीदारी के 25 बरस पूरे किए हैं। एडीबी के सदस्यांे की संख्या 67 है जिनमें से 48 एशियाई से हैं। अमेरिका और जापान बैंक के सबसे बड़े शेयरधारक हैं, जबकि भारत पांचवां सबसे बड़ा शेयरधारक है।
प्रणब बने बैंक के निदेशक मंडल के चेयरमैन
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को शनिवार को एशियाई विकास बैंक के निदेशक मंडल का अध्यक्ष चुना गया। एडीबी की मनीला में आयोजित 45वीं वाषिर्क आम सभा में उन्हें इस पद के लिए चुना गया। साथ ही एशियाई विकास बैंक के 46वें वाषिक सम्मेलन को अगले वर्ष दिल्ली में आयोजित करने का फैसला भी लिया गया है। प्रणब मुखर्जी ने एडीबी के निदेशक मंडल की अध्यक्षता का दायित्व स्वीकार करते हुए बैठक के समापन सत्र में कहा, ‘भारत को अध्यक्षता स्वीकार कर बहुत खुशी हो रही है।’ भारत 1966 में एडीबी का संस्थापक सदस्य था। 1986 से बैंक ने भारत के साथ ऋण सहयोग शुरू किया।
मुखर्जी ने भारत के साथ एडीबी के सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि 25 सालों की यह साझेदारी उत्साहजनक और चुनौतीपूर्ण रही है। उन्होंने क हा कि वह ‘गौरवान्वित’ महसूस कर रहे हैं। मुखर्जी ने एडीबी की अगली वाषिर्क बैठक की मेजबानी का आमंत्रण प्रस्तुत करते हुए सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से कहा, ‘इस सम्मेलन के मेजबान फिलीपींस ने बहुत ऊंचे स्तर का आतिथ्य सत्कार दिखाया है। आपसे वायदा क रता हू कि हमारे यहां मौसम यदि तपिश भरा न कहूं तो यहां से ज्यादा गर्म होगा। हमारा पूरा प्रयास होगा कि आप को हमारे यहां फि लीपींस जैसी ही सुख सुविधा प्राप्त हो।’







