33 हजार साल पहले विलुप्त हुए निएंडरथाल इंसानों को दोबारा देखा जा सकता है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन के जेनेटिक प्रोफेसर जॉर्ज चर्च ने दावा किया है कि पुराने डीएनए के जरिए निएंडरथाल (यूरोप, पश्चिम एशिया, में पाए जाने वाले प्राचीन मानव) बेबी का क्लोन बनाया जा सकता है।
मगर, इसके लिए किसी ऐसी महिला की जरूरत होगी, जो सरोगेट मदर बनने को तैयार हो। हालांकि, यह प्रक्रिया कई देशों मे कानूनी नहीं होगी। इसके लिए जीवाश्मों से डीएनए को निकलना पड़ेगा। निएंडरथाल प्रजाति के लोग बुद्धिमान थे। माना जाता है कि वे आधुनिक मानवों के पूर्वजों मे से थे।
जॉर्ज कहते हैं कि इंसानी जीनोम में बदलाव करके कैंसर और एचआईवी जैसी बीमारियों को ठीक करने का तरीका खोजा जा सकता है। इसके साथ ही 120 साल तक की आयु पाने का रहस्य भी इससे मिल सकता है।
प्रोफेसर का दावा है कि वह निएंडरथाल के जीनोम के कुछ हिस्सों को इंसानी स्टेम सेल में मिला सकते हैं और इससे भ्रूण के क्लोन का निर्माण कर सकते हैं, जिसे बाद में महिला के गर्भ में रख दिया जाएगा।
अंदर की स्लाइड में देखें और जानें...