एक लड़की का क्या सपना होता है। खुले आकाश में अपनी मर्जी से उड़ना, दुनिया को देखना। लेकिन क्या यह हर लड़की के मुमकिन होता है। हम बात अफगानिस्तान के महिलाओं की करें तो शायद उनके लिए सपना देखना मना है।
शौर्या सालेह को कार चलाना आती है, लेकिन उसका भाई किसी भी अनहोनी से बचने के लिए उसके बगल में बैठता था। लेकिन अब उसका भाई पर कदमों और इशारों में नजर नहीं रख पाएगा। क्योंकि वह दूर गगन में अपनी मर्जी से उड़ने के लिए तैयार है।
ऐसा ही कुछ अंदाज मासूमा हुसैनी का है। हम बात कर रहे हैं अफगानिस्तान की पहली महिला हैलिकॉप्टर पायट्स की। कभी तालिबान के चंगुल में फंसने वाले इस देश में महिलाओं के सपनों पर पहरा था, लेकिन आज महिलाएं अपने सपनों में नए रंग भर रही हैं।
dainikbhaskar.com अपने पाठकों को बता रहा है अफगानिस्तान में कैसे बदल रही है। महिलाओं की स्थिति और अफगानी लड़कियां रसोई के बाहर निकल कर तालिबान से दो-दो हाथ करेगी...