मिरानशाह.अमेरिका ने पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के सफाये के लिए ड्रोन हमले फिर तेज कर दिए गए और अफगानिस्तान की सीमा से लगते अशांत उत्तर वजीरिस्तान में बुधवार को ताजा अमेरिकी ड्रोन हमलों में दस संदिग्ध आतंकवादियों की मौत हो गई।
सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि चालकरहित ड्रोन विमानों ने पूर्र्वी मिरानशाह से 15 किलोमीटर पूर्व स्थित थापी गांव में एक आतंकवादी के छिपने के ठिकाने में दो मिसाइलें दागीं। मिसाइल हमले में मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया तथा 10 संदिग्ध आतंकवादी मारे गए।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का यह पांचवां ड्रोन हमला है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए)ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के सफाए के लिए कारगर ड्रोन हमले कर रही है। हालांकि नवंबर पाकिस्तान की एक सैन्य चौकी पर नाटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ड्रोन हमले बंद कर दिए थे लेकिन 10 जनवरी से ये हमले फिर शुरू हो गए।
पाकिस्तान सरकार इन हमलों का सार्वजनिक रूप से यह कहकर विरोध करती है यह उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और इसमें बेगुनाह नागरिक मारे जा रहे हैं। लेकिन अंदर ही अंदर वह इनका समर्थन भी करती है।
एक पश्तून कबीलाई बुजुर्ग ने बताया कि आतंकवादी ड्रोन हमले में ज्यादा नुकसान से बचने के लिए अधिक संख्या में एक जगह इकट्ठा होने से बच रहे थे लेकिन कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण ड्रोन हमले न होने से उन्होंने दोबारा इकट्ठा होना शुरू कर दिया। इसलिए आज बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का यह पांचवां ड्रोन हमला है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी(सीआईए)आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के सफाए के लिए कारगर ड्रोन हमले कर रही है। हालांकि नवंबर में पाकिस्तान की एक सैन्य चौकी पर नाटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ड्रोन हमले बंद कर दिए थे लेकिन 10 जनवरी से ये हमले फिर शुरू हो गए।
पाकिस्तान सरकार इन हमलों का सार्वजनिक रूप से यह कहकर विरोध करती रही है कि यह उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और इसमें बेगुनाह नागरिक मारे जा रहे हैं। लेकिन अंदर ही अंदर वह इनका समर्थन भी करती है।
Related Articles: