वाशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर दबाव बनाना जारी रखेगा और इसे रोकने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब भी इस मसले के शांतिपूर्ण समाधान की गुंजाइश बाकी है।
ओबामा ने कल कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अलग थलग पड़ गया है। उसके खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और ये प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक कि वह परमाणु कार्यक्रम के प्रति अपना रूख बदल नहीं लेता।
उन्होंने कहा 'अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और मैं इस मकसद को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इस मसले का शांतिपूर्ण समाधान अब भी संभव है और यह ज्यादा अच्छा होगा। अगर ईरान अपना रूख बदल ले और अपने कत्र्तव्यों का पालन करे तो वह दोबारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शामिल हो सकता है।'
ओबामा ने 2009 में राष्ट्रपति पद संभालने के तुरंत बाद अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश से बिलकुल अलहदा कदम उठाते हुए ईरान के साथ दोस्ताना संबंधों की शुरूआत करने की कोशिश की थी लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ उसके संबंध लगातार बिगड़ते चले गए ।
गौरतलब है कि अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश ईरान पर परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं जबकि ईरान का कहना है कि वह इसके जरिए अपनी असैन्य ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा।
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