केप केनेवरल (फ्लोरिडा). अंतरिक्ष की दुनिया भी अजीब होती है। रूस के चेल्याबिंस्क शहर में उल्का पिंड गिरने की अजीबोगरीब घटना से अभी पर्दा उठा ही नहीं था कि कुछ घंटों के बाद ही एक एस्टेरॉयड धरती के करीब से गुजरा। भारत में शुक्रवार की रात लगभग 1 बजे आसमान में सितारों के पीछे की तह में यह चलती हुई रोशनी की तरह देखा गया। बुलेट जैसी तेजी वाला यह एस्टेरॉयड 7.8 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से गुजरा है। यह धरती से 27 हजार 700 किलोमीटर की दूरी से गुजरा। 150 फीट (45 मीटर) व्यास वाले 2012 डीए-14 नाम के इस एस्टेरॉयड की खोज पिछले साल दक्षिणी स्पेन के कुछ खगोलशास्त्रियों ने की थी। इसका आकार ओलिंपिक के स्वीमिंग पूल के बराबर है।
एस्टेरॉयड पश्चिमी यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के करीब से गुजरा। नासा के वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड के बारे में पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी इससे धरती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक उस समय धरती से इसकी दूरी टीवी उपग्रहों से भी कम थी, लेकिन इससे धरती को कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि ऐसा पहला मौका है जबकि कोई एस्टेरॉयड धरती के इतने पास से होकर गुजरा (तस्वीरें देखने के लिए आगे के स्लाइड पर क्लिक करें)।
इस एस्टेरॉयड की खोज 2004 में हुई थी। शुरुआती गणना में पता चला था कि 2029 में पृथ्वी के निकट से गुजरते वक्त इसके धरती से टकराने की संभावना 2.7 फीसदी है।
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