दुनिया की सबसे बड़ी महिला नेताओं में शुमार बेनजीर भुट्टो के इंतकाल को आज पांच साल पूरे हो चुके हैं. ऐसी ही सर्दी की दोपहर और चुनावों का मौका था, जब रावलपिंडी की रैली में चली गोलियों ने पाकिस्तान की इस आवाज को सिर्फ 54 साल की उम्र में खामोश कर दिया.
पाकिस्तान के सबसे बड़े राजनीतिक घराने भुट्टो परिवार में जन्मी बेनजीर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी थीं. वे 1988-90 और 1993-96 में दो बार प्रधानमंत्री बनीं. 2007 में फौजी ताकत जब दम तोड़ रही थी और लोग लोकतंत्र के लिए आवाज उठा रहे थे, तब मोहतरमा बेनजीर भुट्टो अपने नौ साल का निर्वासन काट देश लौटी थी.
मुशर्रफ सरकार ने उन्हें वापसी की इजाजत तो दी, लेकिन उन पर जानलेवा हमले की चेतावनी भी दे दी थी. बेनजीर ने दुबई से कराची की फ्लाइट लेते समय कहा था, मुझे लगता है कि सबसे बड़ी सुरक्षा खुदा की है और खुदा ने चाहा तो सब कुछ ठीक होगा...
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