पाकिस्तान में 'आलू अंडे' से होगी बगावत? सरकार, कयानी पर तंज कसने वाले वीडियो की धूम
नई दिल्ली. पाकिस्तान में इन दिनों दो वीडियो सुर्खियां बटोर रहे हैं। एक वीडियो में तीन युवकों को गोलियां चलाते, हथगोले फेंकते, ट्रेनिंग देते दिखाया जा रहा है। पहला वीडियो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने जारी किया है। टीटीपी के वीडियो में पाकिस्तानी लड़के अपने ही राज्य के खिलाफ खड़े होते हुए दिखाए जा रहे हैं। वीडियो के वायस ओवर में तीन आला पुलिस अफसरों को धमकी दी जा रही है।
जबकि, दूसरा वीडियो म्यूजिक वीडियो है। इसमें 'बेगैरत ब्रिगेड' नाम के बैंड के तीन युवा गाना गा रहे हैं। गाने का शीर्षक है आलू अंडे। इस गाने में तीन युवा एक स्कूल में पढ़ते हुए दिखाए गए हैं, जहां वे अपने लंच में मिले आलू और अंडे के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक रहे हैं। ये युवा पाकिस्तान के मौजूदा हालात के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।
यह वीडियो यूट्यूब पर बहुत तेजी से देखा जा रहा है। यूट्यूब पर लोड किए जाने के बाद कुछ ही दिनों में इसे 85 हजार से ज़्यादा हिट्स मिल चुके हैं। म्यूजिक वीडियो में कई प्लेकार्ड भी दिखाए गए हैं। तीन मिनट के इस वीडियो में पाकिस्तान के हर उस पहलू पर चोट की गई है, जिस पर टिप्पणी करने से वहां के उदारवादी लोग घबराते हैं। इस गाने में पाकिस्तान में फैले भ्रष्टाचार, महंगाई, अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय और अजमल कसाब जैसे आतंकी के लिए पाकिस्तानी लोगों में सहानुभूति पर सवाल उठाया गया है। वीडियो को पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी तत्वों, रूढ़िवादी सोच के खिलाफ नई पीढ़ी की 'बगावत' के तौर पर देखा जा रहा है।
गाने में तीनों युवा आलू अंडे की जगह चिकन की मांग करते हुए बागी हो जाते हैं। वे प्लेकार्ड उठाते हैं और राजनीतिक दलों पर तंज कसते हैं। वीडियो में इस्तेमाल एक प्लेकार्ड पर लिखा है, 'नवाज शरीफ बाय बाय, पापा क्यानी नो लाइकी यू।' इसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के प्रमुख नवाज शरीफ और पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख कयानी पर टिप्पणी के तौर पर देखा जा सकता है। यह बैंड कयानी के बारे में कहता है कि अमेरिका से मिली पर्याप्त मदद के बावजूज वे ज़्यादा कुछ नहीं कर पाए।
ये दोनों वीडियो अलग-अलग हैं, लेकिन वे पाकिस्तान की एक ही समस्या की तरफ इशारा करते हैं। पाकिस्तान में 2007 के बाद एक अनुमान के मुताबिक करीब 35,000 लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान सरकार वहां होने वाली हिंसा के पीछे अक्सर भारतीय, इजराइली या किसी विदेशी तत्व का हाथ बताती रही है। वहां आम लोगों में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है।
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