एक और चोट! रूस में अब मंदिर तोड़ने की तैयारी

मॉस्को. रूस में हिंदुओं की धार्मिक आस्था के साथ एक बार फिर खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है। यहां की एक अदालत ने देश सबसे बड़े वैदिक सांस्कृतिक केंद्र को एक कैंपस से हटाने और उसमें बने सबसे बड़े मंदिर को तोड़ने आदेश दिया है।
नए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गृहनगर सेंट पीटर्सबर्ग स्थित इस केंद्र के लिए वर्ष 1992 में 49 वर्ष के लिए लीज करार हुआ था। इस लीज को रद्द कर दिया गया है और अदालत ने कैंपस खाली करने का आदेश दिया है।
सांस्कृतिक केंद्र के अध्यक्ष सुरेन कारापेटियन ने कहा, 'यह रूस के ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्च के एक वर्ग द्वारा शुरू किए गए हिंदू विरोधी मुहिम का हिस्सा भी हो सकता है।' उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन कोर्ट के फैसले के बाद रूस के सबसे बड़े हिंदू मंदिर को तोड़ा जाएगा। सुरेन ने भारत और रूस के राष्ट्रपति से तत्काल मदद की गुहार की है।
इससे पहले, गीता को ‘आतंकी साहित्य’ बताकर पाबंदी की साजिश की गई थी। हालांकि यह कोशिश नाकाम रही थी।










