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चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा-नहीं हटेगा मीडिया से नियंत्रण

Agency | Jan 09, 2013, 12:45PM IST
 
 

 
बीजिंग. चीन में सेंसरशिप के विरोध में एक सरकारी साप्ताहिक के पत्रकारों का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। इसके बावजूद सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि मीडिया पर सरकारी नियंत्रण जारी रहेगा। मंगलवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने सर्कुलर जारी कर कहा कि ऑफिशियल मीडिया पूरी तरह इसके नियंत्रण में है और रहेगा।
 
 
चीन के मीडिया पर पार्टी का पूर्ण नियंत्रण है। बीबीसी के अनुसार चीन के कई पत्रकार सेंसरशिप के विरोध में आ गए  हैं। हालांकि न्यूज पोर्टलों पर सरकारी मंजूरी वाले संपादकीय ही  हैं। 
 
 
इनमें पत्रकारों के आंदोलन की आलोचना की गई है। मंगलवार को  गुआंगझू में पत्रकारों और स्थानीय सरकार के समर्थकों में झड़प  रोकने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रेस सेंसरशिप के खिलाफ पत्रकारों के आंदोलन को अमेरिका ने समर्थन दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने अमेरिकी समर्थन की आलोचना करते हुए इसे चीन के अंदरूनी मामलों में दखल बताया है।
 
 
क्या है मामला
 
गुरुवार को गुआंगझू से प्रकाशित होने वाले चीनी भाषा के साप्ताहिक सदर्न वीकेंड के पत्रकारों ने अचानक आंदोलन कर दिया था। कम्युनिस्ट पार्टी के एक स्थानीय नेता के दखल का विरोध करते यह कदम उठाया गया। चीन में ऐसा पहली बार होने के कारण दुनियाभर की निगाहें इस पर लग गई हैं।
 
 
दलाई लामा और उनके समर्थकों के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई
 
 
चीन ने कहा है कि दलाई लामा और उनके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी जाएगी। कम्युनिस्ट पार्टी की नवगठित सात सदस्यीय स्थायी समिति के सदस्य यू झोंगशेंग ने सिचुआन प्रांत के दौरे के समय यह बात कही। उन्होंने कहा कि इससे ही तिब्बती क्षेत्र में अनुकूल सामाजिक और राजनीतिक माहौल पैदा हो पाएगा। चीन में नए नेतृत्व के चुनाव के बाद पहली बार किसी नेता ने तिब्बत और दलाई लामा को लेकर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में तिब्बत में आत्मदाह की कई घटनाएं सामने आईं हैं।
 

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