बीजिंग. पिछले दिनों चीन के 67 वर्षीय लुओ बाओगेन अचानक सुर्खियों में आ गए थे। झेझियांग प्रांत के वेनलिंग शहर में उनका घर एकदम हाइवे के बीच में था। चीन सरकार ने हाइवे प्रोजेक्ट के तहत इस रास्ते के सारे घर गिरा दिए थे। लेकिन लुओ के घर को नहीं गिरा पाई। सरकार ने उनसे घर का मुआवजा देने के साथ ही बहुत मिन्नतें की। लुओ ने उनकी बात को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मुआवजा उनके लिए काफी नहीं है।
लेकिन लुओ ने हार मान ली। उन्हें अपना घर आखिर छोड़ना पड़ा। बीते दिनों बुल्डोजर से उनका घर जमींदोज कर दिया। हाइवे का अधिकारिक रूप से उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन सरकार का मानना है कि तेज रफ्तार सड़क पर बीच में घर होना खतरनाक है। सरकार ने उन्हें पहले दो लाख 20 युआन (करीब 19 लाख रुपए) का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उनके मुताबिक, घर की लागत 52 लाख रुपए है। बाद में यह सौदा 22 लाख रुपए में तय हुआ।
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