कुआलालंपुर.मलेशिया की पुलिस ने टिवटर पर पैगम्बर मोहम्मद के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने वाले सऊदी अरब के एक स्तंभकार को गिरफ्तार कर लिया है।
इस टिप्पणी के बाद कट्टरपन्थी मुसलमानों के बीच आनलाइन गुस्सा भड़क उठा और हमजा काशगारी नाम के स्तंभकार को मौत की सजा दिए जाने की मांग की जाने लगी। इसके बाद काशगारी सऊदी अरब छोड़ कर चले गए।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा 'इस बात की पुष्टि की जाती है कि मलेशिया की पुलिस ने इंटरपोल आपरेशन के जरिए सऊदी अरब के एक स्तंभकार को गिरफ्तार किया है।'
प्रवक्ता ने और कोई ब्यौरा नहीं दिया और इस सवाल पर भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि उन्हें सऊदी अरब कब भेजा जाएगा। सऊदी अरब के कट्टरपन्थी मौलवियों ने काशगारी को उनकी टिप्पणी के लिए मौत की सजा देने की मांग की है।
तेईस वर्षीय काशगारी ने कथित रूप से पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन के मौके पर टिवटर पर कुछ टिप्पणियां लिखीं थीं। इसके बाद टिवटर तथा अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों पर काशगारी के खिलाफ सामग्री लिखी जाने लगी।
काशगारी ने अपनी टिप्पणी में क्या लिखा यह स्पष्ट नहीं हो सका है क्योंकि उन्होने बाद में उसे हटा लिया था लेकिन मीडिया की खबरों मे बताया गया कि उसमें पैगम्बर मोहम्मद के विरोधी विचार थे।
काशगारी ने डेली बीस्ट से एक साक्षात्कार में कहा कि बड़े संघर्ष के लिए उन्हें इस टिप्पणी के लिए बलि का बकरा बनाया गया है। उन्होने कहा 'मैं मानता हूं कि मेरी टिप्पणी स्वतंत्नता हासिल करने की लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है। मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्नता और विचार के मूलभूत मानवाधिकारों के अपने अधिकार की मांग कर रहा हूं। इसलिए कुछ भी अनायास नहीं किया गया है।'
सऊदी अरब में ईशनिन्दा के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। हालांकि मुस्लिम बहुल मलेशिया में इसके लिए मौत की सजा नही है। अमेरिका का सहयोगी मलेशिया उदारवादी देश माना जाता है। यदि मलेशिया सरकार काशगारी को सऊदी अरब भेजने का फैसला लेती है तो देश में उसका विरोध होने की संभावना है।