खोज तो लिया अमेरिका, घर साथ लेकर लौटे मौत का तोहफा!
Source: Agency | Last Updated 06:46(29/12/11)
वाशिंगटन. वर्ष 1492 में समुद्र यात्री क्रिस्टोफर कोलंबस ने अटलांटिक समुद्र की यात्रा कर अमेरिका की खोज तो की, पर साथ में ले आए एक ऐसी जानलेवा बीमारी जिससे यूरोप के लोग अनजान थे। इस बीमारी का नाम है ‘सिफलिस’। यह दावा किया है अटलांटा स्थित एमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जॉर्ज आर्मेलागोस ने। उनकी यह रिपोर्ट इस साल की ‘ईयर बुक ऑफ फिजिकल एंथ्रोपोलॉजी’ में छपी है।
कैसे किया शोध?
जॉर्ज कहते हैं कि उन्होंने कोलंबस के समय की हड्डियों पर शोध करके यह पता लगाया है। उन्होंने बताया कि कोलंबस ने पुरानी दुनिया को नई दुनिया के बारे में तो बताया ही पर वे और उनके साथी अपने साथ यह बीमारी भी ले गए।
कब चला पता?
सिफलिस 1495 में महामारी बन गई। उस समय फ्रांस के राजा चा?ल्र्स-अष्टम ने नेपल्स को जीता था। तभी उनके सैनिकों में यह बीमारी फैली। इसके बाद सिफलिस पूरे यूरोप में फैल गई।
क्या है सिफलिस?
सिफलिस ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक बैक्टीरिया से फैलता है। आजकल इसका इलाज संभव है। पर उस समय यह लाइलाज थी। अगर इसका इलाज नहीं हो तो यह दिल, दिमाग, आंखें व हड्डियों को बेकार कर सकती है।
रिपोर्ट का विरोध भी हुआ था
इस रिपोर्ट के आने से पहले यूरोप में सिफलिस फैलने को लेकर करीब 16 रिपोट्र्स आईं। इस सभी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध भी हुआ। यूरोप के डॉक्टर यह मानने को तैयार नहीं थे कि यह बीमारी उनके यहां पहले से है। हालांकि वे इस संबंध में कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दे पा रहे थे। सबसे पुरानी बीमारी जो पहचान में आई थी वह थी कुष्ठ। इसके पुख्ता प्रमाण 1500 के आसपास मिलते हैं। जॉर्ज ने बताया कि 1492 से पहले यूरोप में सिफलिस का कोई प्रमाण नहीं मिलता।