लंदन. आधुनिक भारत की नींव डालने वाले भारत के सबसे कद्दावर राजनेताओं में शुमार और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और भारत में ब्रिटेन के आखिरी वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटेन की पत्नी एडविना माउंटबेटेन के रिश्तों को लेकर इंग्लैंड में फिर से बहस छिड़ गई है। बहस की शुरुआत एडविना की बेटी पामेला माउंटबेटेन ने खुद की है। लॉर्ड माउंटबेटेन और उनकी पत्नी एडविना की बेटी पामेला हिक्स ने हाल ही में प्रकाशित अपनी आत्मकथा 'डॉटर ऑफ एम्पायर' में नेहरू और अपनी मां के रिश्तों पर विस्तार से लिखा है।
डेली मेल से बातचीत में एडविना की बेटी पामेला ने कहा, 'पंडित जी (नेहरू) के रूप में उन्हें एक साथी मिला था। नेहरू के तौर पर उन्हें आध्यात्मिकता और ज्ञान वाला ऐसा साथी मिला था, जिसके लिए वे हमेशा ही बेचैन थीं।' खुद 83 साल की हो चुकीं पामेला को लगता है कि नेहरू ('माउंटबेटेन के प्रभाव में काम करते थे नेहरू') और एडविना के बीच रिश्ता आध्यात्मिक था न कि सेक्सुअल। पामेला ने लिखा है, 'एडविना और नेहरू के पास इतना वक्त नहीं था कि वे किसी जिस्मानी रिश्ते में उलझें। दोनों की ज़िंदगी बेहद सार्वजनिक थी और वे बहुत मुश्किल से अकेले होते थे।' पामेला के मुताबिक नेहरू की चिट्ठियों को देखने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी मां और नेहरू के बीच कितना गहरा प्रेम था। (घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ पाती हैं नेताओं पर बनने वाली फिल्में)
लेकिन भले ही एडविना की बेटी अपनी मां और नेहरू के रिश्ते को स्पिरिचुअल बताती हैं, लेकिन कई जानकार यह दावा करते हैं कि दोनों के बीच जिस्मानी रिश्ते भी थे। 'एडविना एंड नेहरू: अ नोवल' नाम किताब 1993 में लिख चुकीं मशहूर फ्रेंच लेखिका और दार्शनिक कैथरीन क्लेमेंट दावा करती हैं कि नेहरू और एडविना का रिश्ता सेक्सुअल भी था। जीवन के 7 दशक पार कर चुकीं कैथरीन एक अंग्रेजी अख़बार से बातचीत में कहा था, 'लॉर्ड माउंटबेटेन को लिखी चिट्ठियों में एडविना ने बताया था नेहरू से उनका रिश्ता ज़्यादातर आध्यात्मिक था। लेकिन ज्यादातर, हमेशा नहीं।'
(तस्वीर: नेहरू के साथ एडविना)