मिस्र : संविधान मसौदे पर जनमत संग्रह
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| Dec 17, 2012, 16:35PM IST

काहिरा. मिस्र में शनिवार को संविधान के मसौदे पर रायशुमारी हो रही है। शुक्रवार को इसके पक्ष और विपक्ष में देश भर में रैलियां निकलीं। इनमें कई जगह हिंसा हुई। इस्लाम समर्थक राष्ट्रपति मुर्सी और संविधान के पक्ष में हैं। जबकि धर्मनिरपेक्ष ताकतें दोनों के खिलाफ हैं।
दो चरणों में होने वाले मतदान में करीब 5.1 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इसमें 150 देशों में रहने वाले करीब पांच लाख मिस्री नागरिक भी वोट दे सकेंगे। शुक्रवार को अलेक्जेंड्रिया की अल कैद मस्जिद के बाहर संविधान समर्थकों और विरोधियों में जमकर संघर्ष हुआ।
यह उन 10 मुहफ्फजात (राज्य) में से एक है जहां शनिवार को मतदान होना है। इसके अलावा काहिरा, दकहलिया, शरकिया, असियत, सोहाग, अस्वान, घरबिया, उत्तरी और दक्षिण सिनाई शामिल हैं।
दूसरे चरण का मतदान 22 दिसंबर को 17 मुहफ्फजात में होगा। विपक्षी दलों के नेशनल साल्वेशन फ्रंट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन और तहरीर चौक पर प्रदर्शन किए। उसने मतदाताओं से ‘नहीं’ में वोट देने की अपील की। पहले वह जनमत संग्रह का बॉयकाट करने को कह रहा था।
संविधान पर एक नजर
63 पेज
236 अनुच्छेद
शरिया विधायिका का मुख्य स्रोत
सुन्नी मुसलमानों के मुख्य बहुमत अल-अजहर से शरिया संबंधी मामलों पर चर्चा होगी
ईसाई धर्म और यहूदी धर्म ईसाइयों और यहूदियों के नियम कायदे बनाने के मुख्य स्रोत होंगे।
ईसाइयों, यहूदियों को धार्मिक आजादी सीमित होगी।
राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का और दो बार के लिए सीमित होगा।
85 सदस्यीय संविधान सभा ने बनाया। इसमें ज्यादातर इस्लामी थे।
विरोधियों के अनुसार इसके शब्दों के अनुसार इस्लामी धर्मगुरुओं की बात का नियम कायदे पर अहम होगी।






