इस्लामाबाद. पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को तगड़ा झटका दिया है। अदालत ने अवमानना से जुड़े आरोप तय करने के लिए समन के खिलाफ गिलानी की अपील खारिज कर दी है। ऐसे में संकट से घिरे प्रधानमंत्री को 13 फरवरी को हर हाल में कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। गिलानी ने वकील ने अदालत के आदेश के बाद कहा कि प्रधानमंत्री अवमानना मामले में 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में हाजिर होंगे।
शीर्ष अदालत ने गिलानी की 200 पेज वाली अपील पर फैसला सुनाते हुए कहा कि गिलानी की अपील खारिज कर दी गई है। गिलानी के वकील ऐतजाज एहसान ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय पीठ ने अपील खारिज कर दी।
गिलानी अब 13 फरवरी को अदालत में पेश होंगे। उन पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दोबारा शुरू करने के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है।
यदि प्रधानमंत्री इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें छह माह की कैद हो सकती है और वह संसदीय सीट भी खो सकते हैं। उन्हें पांच वर्ष तक किसी सार्वजनिक पद पर होने से वंचित भी किया जा सकता है।
समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, गिलानी ने यह कहते हुए भ्रष्टाचार के मामले में जरदारी के खिलाफ स्विट्जरलैंड को पत्र लिखने से इंकार कर दिया था कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत राष्ट्रपति को आपराधिक मुकदमों से छूट प्राप्त है।
वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के साथ हुए एक समझौते के तहत उनके पति जरदारी तथा उनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश के तहत आम माफी दे दी थी। लेकिन 2009 में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे निरस्त कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले गिलानी की दलीलों को नामंजूर करते हुए साफ कह दिया कि उनके पास स्विस अधिकारियों को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए पत्र लिखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश इफ्तिकार चौधरी की अगुआई वाली आठ सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री को पहल करनी चाहिए थी। अदालत ने दो साल तक इस मामले में धैर्य दिखाया। यदि गिलानी जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र लिखते हैं तो उनके खिलाफ अवमानना की सुनवाई खुद ही खत्म हो जाएगी।
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