आज समलैंगिकता को लेकर धारणाएं काफी बदल चुकी हैं। कई देशों में समलैंगिकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले संगठन सामने आ चुके हैं। दुनिया के अनेकों देशों को बड़े-बड़े शहरों में लेस्बियन्स, गे, बाय-सेक्शुअल एंड ट्रांसजेंडर्स (एलजीबीटी) ग्रुप रैलियां करते हैं और परेड निकालते हैं, फिर भी भारत एवं अन्य परंपरागत देशों में इन्हें सामाजिक स्वीकृति नहीं मिली है।
वैसे, कई वेस्टर्न कंट्रीज में समलैंगिक शादियों को मान्यता मिल चुकी है। अमेरिका जैसे देशों में समलैंगिकों के संगठन पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप बन चुके हैं, पर सच तो यह है कि अभी भी लगभग सभी जगहों पर समलैंगिकों का मजाक उड़ाया जाता है और उन्हें अनैतिक व बुरे चरित्र का माना जाता है।
dainikbhaskar.com अपने पाठकों को बताने जा रहे है समलैंगिकता से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने पहलुओं के बारे में। हो सकता है यह आपकी सोच को एकदम बदल कर रख दे..इस आमफहम सेक्स प्रवृत्ति के बारे में जिसे सेक्शुअल परवर्ज़न माना गया है।