वॉशिंगटन. भारत ने अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु समझौते को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही उसे ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर अपने रुख से अवगत कराया है। इस सिलसिले में विदेश सचिव रंजन मथाई ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर अमल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि अमेरिकी परमाणु कंपनियों के लिए देश में समान मौके होंगे।
हिलेरी क्लिंटन के साथ मथाई की मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने कहा, 'दोनों की बैठक से साफ है कि हम विभिन्न मुद्दों पर भारत के साथ विचार-विमर्श का समर्थन करते हैं।' मथाई ने एक दिन पहले भी कहा था कि हम बदलती हुई वैश्विक परमाणु व्यवस्था में अपनी कूटनीतिक साझेदारी को असैन्य परमाणु ऊर्जा के समान वाणिज्यिक उत्पादन के लिए सहयोग में बदलने पर कायम हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सिलसिले में हम देश की संसद में पारित कानून से बंधे हैं। फिर भी अमेरिकी परमाणु कंपनियों को समान अवसर देने का आश्वासन देते हैं और कानून के दायरे में रहकर उनकी चिंताओं को दूर करने को भी तैयार हैं।
कई मंत्रियों से विचार-विमर्श :
विदेश सचिव मथाई ने राजनीतिक मामलों पर सहायकविदेश मंत्री ङ्क्षवडी शेरमन, राजनीतिक और सैन्य मामलों के सहायक विदेश मंत्री ऐंड्रयू शापिरो, दक्षिण व मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री राबर्ट ब्लेक और नागरिकसुरक्षा, लोकतंत्र व मानवाधिकार मामलों की सहायक विदेश मंत्री मारिया ओटेरो के साथ भी विचार-विमर्श किया।
इन नेताओं के साथ बातचीत में मथाई ने विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की इस वर्ष के अंत में अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता के लिए आधारभूमि तैयार की। नुलैंड ने भी कहा कि हिलेरी ङ्क्षक्लटन भारत के साथ रणनीतिकवार्ता का इंतजार कर रही हैं।